Ghansyam Sharma / Mon, Aug 18, 2025 / Post views : 218
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। समय पर एम्बुलेंस और बेहतर इलाज न मिलने से ग्राम पंचायत सिंगनपुर के आश्रित ग्राम जोंदराबेड़ा जाड़ापदर की 25 वर्षीय गर्भवती महिला सुखमनी मरकाम पत्नी मनोज मरकाम की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि 18 अगस्त की सुबह सुखमनी को प्रसव पीड़ा हुई, जिस पर 102 एम्बुलेंस को कई बार कॉल किया गया। जवाब मिला कि वाहन पहुंचने में 1-2 घंटे लगेंगे। मजबूरी में परिवार ने निजी वाहन की व्यवस्था की और उबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए महिला को चिपावंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
लेकिन वहां प्रसव की सुविधा उपलब्ध न होने से उसे जिला अस्पताल कोण्डागांव रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में जचकी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सुखमनी की मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव की सुविधा मिलती, तो सुखमनी की जान बच सकती थी। यह घटना न केवल ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि जिले में एम्बुलेंस सेवाओं की अव्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन कब तक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाता है।
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