Ghansyam Sharma / Thu, Mar 19, 2026 / Post views : 161
रायपुर। पत्रिका लुक (Bhavesh jain)
विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में पिछड़ा वर्ग के कल्याण और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक के दौरान अलग संचालनालय के गठन, नए छात्रावास भवनों के निर्माण तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है, जिसमें लगभग 95 जातियां और उनके उपसमूह शामिल हैं। सरकार इन वर्गों के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए संवेदनशील है और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग का गठन किया गया है, जिससे योजनाओं को गति मिल सके। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग एवं कल्याण आयोग का गठन भी किया गया है। विभिन्न समाजों के उत्थान के लिए लौहशिल्प, रजककार और तेलघानी विकास बोर्ड भी बनाए गए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा छात्रावास, आश्रम और आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में राशि हस्तांतरित की जा रही है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे एवं बैंकिंग के लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने हेतु आर्थिक सहायता योजना भी लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना” के माध्यम से उन विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिन्हें छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है। वर्तमान बजट में रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, धमतरी, रायपुर और जशपुर सहित छह जिलों में नए छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं।
बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, टंक राम वर्मा, लक्ष्मी रजवाड़े, गजेंद्र यादव और ओपी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में परिषद के सदस्यों द्वारा भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर सरकार ने सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।
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