Ghansyam Sharma / Mon, Jul 28, 2025 / Post views : 160
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले तहसीलदारों ने आज जिले के DNK मैदान में हड़ताल शुरू की। हड़ताल पर बैठे तहसीलदार मनोज कुमार रावटे ने बताया कि संघ ने पूर्व में सरकार को ज्ञापन सौंपकर 26 जुलाई तक ठोस पहल करने की मांग की थी लेकिन राज्य सरकार के द्वारा कोई पहल नहीं करने के कारण अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन चरणों में आंदोलन की रणनीति बनाई है।
संघ की प्रमुख मांगों में तहसीलों में स्वीकृत पदों पर तत्काल पदस्थापना, तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर 50:50 अनुपात में पदोन्नति, नायब तहसीलदार पद को राजपत्रित करने, लंबित ग्रेड पे सुधार, शासकीय वाहन व चालक की उपलब्धता तथा बिना वैध प्रक्रिया के निलंबित अधिकारियों की शीघ्र बहाली शामिल हैं। इसके साथ ही न्यायालयीन
आदेशों में एफआईआर दर्ज न करने, तहसीलों में प्रशिक्षित कंप्यूटर ऑपरेटर व सुरक्षा कर्मी की नियुक्ति, सड़क दुर्घटनाओं व आपदा प्रबंधन के दौरान मौके पर मुआवजा राशि की स्पष्ट गाइडलाइन बनाने और राजस्व न्यायालय को सुदृढ़ करने हेतु विशेषज्ञ समिति गठित करने जैसी मांगें भी प्रमुख हैं।
संघ का कहना है कि तहसीलें राजस्व व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन न्यूनतम संसाधनों के अभाव में अधिकारियों से समय पर कार्य निष्पादन की अपेक्षा करना अनुचित है। तहसीलदारों ने साफ कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा का पालन तभी संभव है, जब शासन आवश्यक मानव संसाधन और तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराए।
कार्यक्रम के तहत आंदोलन का पहला चरण 28 जुलाई को जिला स्तर पर, दूसरा चरण 29 जुलाई को संभाग स्तर पर और तीसरा चरण 30 जुलाई को राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन के रूप में होगा। यदि तब भी मांगों पर पहल नहीं की गई तो संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
संघ ने शासन से अपील करते हुए कहा-हमारी मांगें केवल कर्मचारियों के हित में नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा से भी सीधे जुड़ी हैं। यदि शासन ने समय रहते सकारात्मक पहल नहीं की, तो संघ उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा।
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