Ghansyam Sharma / Wed, Jul 30, 2025 / Post views : 190
कोण्डागांव । पत्रिका लुक (मो.शकील सिद्दीकी)
प्रादेशिक लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जिला कोण्डागांव ने तहसीलदार कोण्डागांव मनोज रावटे पर महिला कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस प्रकरण को लेकर मंगलवार को संघ के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए 7 दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों के कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार मंडावी ने बताया कि तहसील कार्यालय कोण्डागांव में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 पोषण उसेंडी वर्ष 2020 से अनुबंध के आधार पर कार्यरत हैं। 25 जुलाई को कार्यालयीन समय में तहसीलदार द्वारा उनके साथ असंवेदनशील और अपमानजनक व्यवहार किया गया। संघ के अनुसार, तहसीलदार ने सार्वजनिक रूप से उन्हें अपशब्द कहे और अन्य कर्मचारियों के सामने उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि तहसीलदार ने उसेंडी से कहा— “तेरा क्या काम है, तेरा ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं है, तू लोगों को जेल भेजती है।” इसके साथ ही उन्हें शाखा रूम से बाहर करने की कोशिश की गई। संघ ने इस घटना को महिला सम्मान और कार्यस्थल की गरिमा के खिलाफ सीधी चोट बताते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
संघ की बैठक में यह मुद्दा गंभीरता से उठाया गया और तय किया गया कि यदि 7 दिनों के भीतर न्याय नहीं मिला तो सभी ब्लॉकों से कर्मचारियों को एकत्रित कर तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला केवल एक महिला कर्मचारी का नहीं बल्कि पूरे लिपिक वर्ग की गरिमा और सुरक्षा का प्रश्न है।
राजकुमार मंडावी ने कहा कि यदि दोषी अधिकारी पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उधर, तहसील कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि घटना को लेकर कार्यालयीन माहौल तनावपूर्ण हो गया है और कर्मचारी असमंजस की स्थिति में हैं। हालांकि, तहसीलदार मनोज रावटे से इस मामले पर पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
कलेक्टर कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त होने की पुष्टि की है और बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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