Ghansyam Sharma / Thu, Apr 9, 2026 / Post views : 241
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
माओवाद मुक्त होने के बाद बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुंच सुलभ हो रही है और विकास कार्यों को भी गति मिल रही है। इसी क्रम में फरसगांव विकासखंड के दूरस्थ ग्राम चिंगनार में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कांकेर सांसद भोजराज नाग और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम शामिल हुए। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई भी उपस्थित रहे।
सांसद ने कहा कि पहले माओवाद के कारण क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया और आधारभूत संरचना के कार्य बाधित थे, लेकिन अब विकास को गति मिल रही है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया।
विधायक ने कहा कि क्षेत्र में पहले दहशत का माहौल था, जिससे विकास कार्य प्रभावित थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में 115 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 49 का मौके पर निराकरण किया गया। 81 हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। आयुष्मान कार्ड के 7 और आधार कार्ड के 22 प्रकरणों का समाधान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 8 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
राजस्व विभाग ने 16 हितग्राहियों को बी-1/डिजिटल किसान किताब, पंचायत विभाग ने 12 जॉब कार्ड तथा 5 आवास हितग्राहियों को चाबी वितरित की। श्रम विभाग ने 11 श्रम कार्ड, शिक्षा विभाग ने 24 जाति प्रमाण पत्र और उद्यान विभाग ने 3 हितग्राहियों को बागवानी किट प्रदान की।
इस दौरान जनप्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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