Ghansyam Sharma / Wed, Mar 11, 2026 / Post views : 229
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
वनमंडल कोंडागांव में मैदानी वन कर्मचारियों और वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। एक ओर वन कर्मचारी डीएफओ चूड़ामणि सिंह पर तानाशाही रवैये, अनावश्यक दबाव और धमकी देने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं डीएफओ ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और मिथ्या बताया है।
डीएफओ का कहना है कि वर्तमान समय में जंगलों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए फायर सीजन चल रहा है, इसलिए सभी कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं रोका गया है और विभागीय कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए ही यह व्यवस्था की गई है।
वहीं वन कर्मचारियों का कहना है कि फील्ड में कठिन परिस्थितियों में काम करने के बावजूद उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि किसी भी समय मोबाइल पर लाइव लोकेशन मांगकर निगरानी रखी जाती है, सीआर खराब करने और स्थानांतरण की धमकी दी जाती है। इस दौरान छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ प्रांतीय पदाधिकारी सुशीला नेताम, मंडल अध्यक्ष चंदन सेठिया, मंडल उपाध्यक्ष अजय कुमार नाग सहित क्षेत्र के डिप्टी रेंजर, बीट गार्ड व बड़ी संख्या में वनकर्मी मौजूद रहे।
इस पूरे विवाद के बीच कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गलत व्यवहार हुआ है तो उस पर उचित कार्रवाई की जा सके।
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