रायपुर। महाशिवरात्रि 11 मार्च को पूरे देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। भगवान शिव के भक्त इस दिन व्रत, पूजा, रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. प्रियाशरण त्रिपाठी के अनुसार 11 मार्च को दोपहर 2.40 बजे से चतुर्दशी तिथि लगेगी, जो 12 मार्च को दोपहर 3.03 बजे तक रहेगी। महाशिवरात्रि चतुर्दशी तिथि की अर्ध्य रात्रि को मनाने का विधान है इसलिए 12 मार्च को उदय कालीन चतुर्दशी तिथि होने पर भी 11 मार्च को ही महाशिवरात्रि मनाई जाएगी।
11 मार्च को दिन की शुरुआत शिव योग से होगी। यह शिव आराधना के लिए शुभ माना गया है। शिवयोग सुबह 9.24 बजे समाप्त हो जाएगा और सिद्ध योग शुरू होगा। सिद्ध योग को मंत्र साधना, जप, ध्यान के लिए शुभ फलदायी माना जाता है। इस योग में किसी नई चीज को सीखने या काम को आरंभ करने के लिए श्रेष्ठ कहा गया है।
महाशिवरात्रि मुहूर्त
- चतुर्दशी - 11 मार्च को 2.40 बजे से
चतुर्दशी समाप्त 12 मार्च को 3.03 बजे तक
- निशीथ काल 11 मार्च को मध्य रात्रि के बाद 12.25 से 1.12 तक
- शिवग 11 मार्च सुबह 9.24 बजे तक
- सिद्ध योग 9.25 से अगले दिन 8.25 तक
- धनिष्ठा नक्षत्र रात 9.45 बजे तक
- पंचक आरंभ 11 मार्च सुबह 9.21 बजे से (महाशिवरात्रि में पंचक का कोई प्रभाव नहीं होगा)
पूजा में रखें ध्यान
- शिवजी की पूजा काले वस्त्र पहनकर न करें। नीले, सफेद वस्त्र पहनें
-टूटे हुए अक्षत यानी चावल शिवजी को अर्पित न करें।
- नारियल के पानी से अभिषेक न करें।
- भगवान शिव की पूजा में शंख का प्रयोग न करें।
- चंदन का प्रयोग जरूर करना चाहिए। शिवलिंग पर तीन उंगलियों से चंदन लगाकर अपने माथे पर भी त्रिपुंड बनाएं।
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