Ghansyam Sharma / Thu, Feb 18, 2021 / Post views : 117
नई दिल्ली. कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने आज यानि 18 फरवरी को रेल रोकने की घोषणा की है। किसानों ने दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रेल रोकने का ऐलान किया है। किसान नेताओं के मुताबिक इस दौरान यात्रियों को चाय पिलाई जाएगी। बीच रास्ते में ट्रेन रोकने से बचा जाएगा। रेलगाड़ियों पर माला पहनाकर रेलगाड़ियां रोकी जाएंगी। दिन के समय कम ट्रेन आवाजाही करती हैं, इसलिए दिन के चार घंटों के लिए चुना गया है।
किसानों के ऐलान के बाद बुधवार को दिल्ली, हरियाणा और यूपी से सटे स्टेशनों पर आरपीएफ ने चौकसी बढ़ा दी है। सुरक्षा के लिए आरपीएफ की अतिरिक्त कंपनियां लगाई गई हैं। स्टेशनों तक पहुंचने के मुख्य रास्तों के अलावा अन्य भी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थित से निपटने के लिए स्टेशनों के आसपास बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है। देशभर में आरपीएफ की 20 विशेष टास्क फोर्स लगाई गई है। हरियाणा, पश्चिम बंगाल पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
गश्त बढ़ाई गई
बॉर्डर से सटे ट्रैक, सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर के आसपास के स्टेशनों जैसे नरेला, आनंद विहार टर्मिनल, शाहदरा आदि के आसपास आरपीएफ कर्मी नजर बनाए हुए हैं। यहां ट्रैक पर गश्त बढ़ाई गई है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रेल यातायात अपने तय समय पर चलेगा। रेल परिचालन में बाधा डालना गैर कानूनी है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आरपीएफ के साथ मिलकर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
यह हैं नियम
रेलवे संचालन में अगर कोई किसी तरह की बाधा डालता है तो उसके खिलाफ रेलवे ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। अगर ट्रेन पर किसी तरह का सामान फेंका जाए या पटरी को नुकसान पहुंचा तो दोषी को रेलवे ऐक्ट की धारा 150 के तहत उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। धारा-174 के अनुसार अगर ट्रैक पर बैठकर या कुछ रखकर ट्रेन रोकी जाती है तो दो साल की जेल या 2,000 रुपये के जुर्माने या फिर दोनों सजा हो सकती है। रेलवे कर्मचारियों के काम में बाधा डालने पर, रेल में जबरदस्ती घुसने पर धारा 146, 147 के तहत छह महीने की जेल या एक हजार रुपये का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
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