गरियाबंद। गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखंड मैनपुर के वनांचल ओडिशा सीमा से लगे ग्राम झोलाराव के दो माह की आदिवासी बच्ची रवीना मरकाम को डाक्टरों ने नई जिंदगी दी है। जन्म से बच्ची के सिर में पानी भर जाने से लगातार उसका सिर बढ़ता जा रहा था, साथ ही शरीर के कई हिस्सों पर जन्म से काला काला जख्म जैसे निशान के चलते यह दो माह की रवीना दिन रात बेचैन रहती थी, जिसका रायपुर के एक निजी अस्पताल में जिला प्रशासन गरियाबंद की मदद से डाक्टरों ने सर्जरी कर सिर से पानी को निकाला। साथ ही बच्ची के शरीर में जगह-जगह काला जख्म जैसे निशान का भी उपचार किया जा रहा है।
लगभग 14 दिन रायपुर के अस्पताल में इलाज व सफल आपरेशन के बाद अपने मासूम बेटी रवीना मरकाम को लेकर घर लौटे उसके माता नरेश्वरी मरकाम, पिता मोनोराम मरकाम ने इस इस बच्ची के सफल इलाज के लिए कलेक्टर निलेश क्षीरसागर व जिला चिकित्सा अधिकारी नेतराम नवरत्न, गरियाबंद जिला पंचायत के उपाध्यक्ष व आदिवासी एकिकृत परियोजना के अध्यक्ष संजय नेताम व मैनपुर अस्पताल के डाक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया है। बच्ची रवीना के माता-पिता ने रायपुर के अस्पताल में डाक्टरों व वहां के स्टाप द्वारा उनके बीमार बच्ची की उचित देखरेख व बेहतर इलाज के लिए डाक्टर अशोक भट्टर, डा. चंद्रमुकेश धावडे, डा. प्राची भट्टर व सभी डाक्टरो के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। ज्ञात हो कि तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगभग 48 किलोमीटर दूर ओडिशा सीमा से लगे विकासखंड मैनपुर के ग्राम झोलाराव जो बीहड जंगल के अंदर बसा हुआ 22 मई को जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ने लगभग 10 किलोमीटर पैदल चलकर झोलाराव में इस बीमार आदिवासी मासूम बच्ची रवीना से मुलाकात कर उनके माता-पिता से उनकी बीमारी के सबंध में चर्चा की और इस मामले से गरियाबंद कलेक्टर निलेश क्षीरसागर को अवगत कराते हुए इस बच्ची के शासन प्रशासन की तरफ से इलाज की मांग की थी। 'नईदुनिया' में समाचार प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन गरियाबंद द्वारा इस बच्ची रवीना के इलाज के लिए पहल की गई और स्थानीय मैनपुर के सीएमओ डा. गजेन्द्र ध्रुव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम झोलाराव पहुंच कर उस बच्ची को मैनपुर अस्पताल लाया गया। मैनपुर अस्पताल के बाद गरियाबंद के जिला अस्पताल में डाक्टरों द्वारा बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान बच्ची के स्वजनों के पास राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड नहीं बना था। कागजी प्रकिया पूरा करने के बाद कलेक्टर निलेश क्षीरसागर के निर्देश पर एक जून को बीमार बच्ची रवीना मरकाम को रायपुर के निजी हास्पिटल में भर्ती किया गया।
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