Ghansyam Sharma / Mon, Mar 8, 2021 / Post views : 130
महिला दिवस पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस को लोको पायलट कौशल्या देवी, सहायक लोको पायलट आकांक्षा गुप्ता झांसी से ग्वालियर लेकर आईं।
आठ मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रेलवे में नारी सशक्तिकरण की छवि देखने को मिली। महिला दिवस पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस को लोको पायलट कौशल्या देवी, सहायक लोको पायलट आकांक्षा गुप्ता झांसी से ग्वालियर लेकर आईं। साथ ही ट्रेन के अंदर सारा स्टाफ भी महिलाआंे का रहा। लोको पायलट कौशल्या व सहायक पायलट अकांक्षा गुप्ता सहित सभी महिला स्टाफ का ट्रेन आने पर ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया गया।

देश में 50 प्रतिशत आबादी महिलाओं की है। भारत में महिलाओं को सर्वाधिक पूजा जाता है, महिला को शक्ति, समृद्वि और बुद्वि का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद भी कई मामलों में महिलाओं को पुरुषों से पीछे माना जाता है। इस सोच को बदलने के लिए रेलवे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए रेलवे ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों से कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए महिला लोको पायलट, महिला सहायक लोको पायलट, टीटीई, गार्ड, सहित आरपीएफ का स्टाफ भी महिलाओं का रहा। इस स्टाफ ने झांसी से ग्वालियर तक बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस का संचालन किया।पिछले वर्ष घोसीपुरा स्टेशन का किया था संचालनवर्ष 2020 में रेलवे ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए घोसीपुरा रेलवे स्टेशन का संचालन महिला कर्मचारियों के हाथों में सौंपा था। इस दौरान घोसीपुरा स्टेशन पर टिकट बनाना, टिकट चेक करना, महिला आरपीएफ एवं जीआरपी स्टाफ को रखा गया था। साथ ही इस वर्ष भी आरपीएफ व जीआरपी ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर ऐसा ही करने की योजना बना रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन