Ghansyam Sharma / Tue, Mar 23, 2021 / Post views : 125
रायपुर। छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सालों से चैंबर में सत्ताधारी एकता पैनल के खिलाफ किसी दूसरे पैनल ने नहीं लड़ा, बल्कि एकता पैनल ही जय व्यापार पैनल के खिलाफ लड़ रहा था। व्यापार हित के बदले अपने निजी हित को ही तवज्जो दिए जाने के कारण ही इस बार के चैंबर चुनाव में मठाधीशों की हार हुई है।
व्यापारियों ने भी इस साल समझ लिया कि कौन व्यापारी के साथ है और कौन अपने निजी हितों को साधने की कोशिश कर रहा है। यह कहना है छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स में अध्यक्ष बने जय व्यापार पैनल के अध्यक्ष अमर पारवानी का।
पारवानी ने कहा कि जय व्यापार पैनल की यह जीत व्यापारियों की जीत है। उन्होंने कहा कि इस व्यापारिक संगठन का मुख्य काम केवल व्यापार हित है, जबकि इससे पहले चैंबर की सत्ता में काबिज मठाधीश केवल अपनी राजनीति चमकाने व निजी लाभ में ही लगे रहे। बीते तीन सालों में तो आपसी झगड़े में ही चैंबर पदाधिकारी व्यस्त रहे।
इसका खामियाजा ही इस चुनाव में दिखा। उन्होंने कहा कि अब ये तीन साल व्यापार हित के लिए ही सारे काम होंगे। सबको साथ लेकर चलेंगे और प्रदेश में व्यापार-उद्योग की प्रगति पर ही ध्यान दिया जाएगा। इस जीत के पीछे उनके पूरे पैनल व टीम का योगदान है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हित के लिए एक हेल्प डेस्क बनाया जाएगा।
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