Ghansyam Sharma / Mon, Jul 4, 2022 / Post views : 411
कोंडागांव पत्रिका लुक।
कोंडागांव जिला शासकीय राशन विक्रेता पी.डी.एस. संघ के
बैनर तले आज नव सूत्रीय मांग को लेकर शासकीय राशन विक्रेता एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री ,खाद्य सचिव ,कलेक्टर के नाम का ज्ञापन तहसीलवार बडेराजपुर विश्रामपुरी को सौप हैं। आपको बतादे की शासकीय राशन विक्रेता पी.डी.एस. संघ ने लंबे समय से चल आ रही हमारी 9 बिंदुओं पूरा करने को लेकर लगातार सरकारों को मांग पूरी करने लगातार आवेदन देते आ रहे हैं पर सरकार द्वारा आज पर्यंत तक मांग को अनसुना कर रही हैं। शासकीय राशन विक्रेता की मांग इस प्रकार हैं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना चला रहे देश के सभी विक्रेताओं को विश्व खाद्य कार्यक्रम ( World Food Programme) द्वारा अनुशंसित 4 सौ 40 रुपये प्रति क्विंटल खाद्यानों में कमीशन के राशि की स्वीकृति दी जाय। चावल, गेहूं, चीनी जैसे खाद्य पदार्थों में एक किलो प्रति क्वींटल की हैंडलिंग लॉस देने पर बनी सहमति के आधार पर सभी राज्यों में इसे अविलंब लागू करवाई जाए। सभी राज्यों के राशन दुकानों में सभी की बड़ी आबादी को खाद्यानों के साथ खाद्य तेल और दाल की अपूर्ति प्रतिमाह के लिए स्वीकृति दी जाए। LPG गैस जो देश के सीीि जिलों में मौजूद डिस्ट्रीब्यूटरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को संबद्ध कर LPG सिलिंडर की बिक्री करने का प्रावधान किया जाये जिससे राशन दुकानों की व्यवहारिता में बढ़ोत्तरी हो सके और जनता को सहज और सुलभ रूप से इसका लाभ भी मिल सके। खाद्यानों को पुनः जूट बोरे में आपूर्ति करने का आदेश दिया जाये ज्ञातव्य हो कि खाली जूट बोरे के आय से राशन दुकानदारों को एक निश्चित आय होती हैं, उन्हें आर्थिक सहयोग मिलता है जिससे उन्हें वंचित कर दिया गया है, विक्रेताओं ने प्लास्टिक बोरियों से खाद्यानों के उठाव का पुरजोर विरोध किया है। कोरोना संक्रमण से मृतक राशन डीलरों के परिजनों के लिये अलग
से मुआवजा नीति की घोषण करते हुए देश के सभी राशन विक्रेताओं को कोरोना योद्धा के रूप में घोषित किया जाय।
सभी राज्यों में कमीशन की बकाया राशियों का अद्भुतन भुगतान कराने की दिशा में कार्यवाही कि जाए। पश्चिम बंगाल के तर्ज पर फूड-फार ऑल की सुविधा देश के सभी नागरिकों को दिये जाने का प्रस्ताव आज की बैठक में पारित करते हुए कहा गया कि जग देश के 80 करोड़ आबादी को सरकार मुफ्त में राशन दे ही रही है तो शेष जनता को इस सुविधा में वंचित नहीं किया जाना चाहिए। भारत वर्ष के ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद जन वितरण प्रणाली की दुकानों को Dierect Procurement Agents (DPA) (प्रत्यक्ष खरीद एजेंट) के रूप में जिम्मेदारी दी जाये जिससे चांवल और गेंहू की खरीददारी में वे सरकार को सहयोग कर सके जिससे उनके आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेगी।
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