Ghansyam Sharma / Fri, Apr 18, 2025 / Post views : 152
आत्मसमर्पण नक्सलियों पर 40 लाख 50 हजार रुपये का इनाम था घोषित
छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति एवं “नक्सल मुक्त पंचायत” अभियान ला रहा रंग
सुकमा । पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार को माड़ और नुवापाड़ा डिवीजन में सक्रिय एक नक्सली दंपति समेत कुल 22 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिला नक्सली भी शामिल हैं।
सरकार की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति 2025”, “नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत” अभियान और सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत यह आत्मसमर्पण हुआ। आत्मसमर्पण के समय सभी नक्सली निहत्थे थे। इनामी नक्सली भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कुल 40 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से दो नक्सलियों – मुचाकी जोगा और उसकी पत्नी
मुचाकी जोगी पर ₹8-8 लाख का इनाम घोषित था, जो माड़ डिवीजन की पीएलजीए कंपनी में अहम पदों पर कार्यरत थे। इसके अलावा कई अन्य नक्सलियों पर ₹5 लाख, ₹2 लाख व ₹50 हजार के इनाम थे। प्रोत्साहन एवं पुनर्वास सरकार की नीति के तहत सभी आत्मसमर्पणकर्ताओं को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्हें भविष्य में शिक्षा, रोजगार और पुनर्वास के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ आत्मसमर्पण यह आत्मसमर्पण सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डीआईजी आनंद सिंह राजपुरोहित, एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ 226 बटालियन के कमांडेंट धन सिंह बिष्ट, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।
सरकार देगी विकास के लिए 1 करोड़ “नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत” योजना के तहत संबंधित पंचायत को ₹1 करोड़ की विकास राशि देने की योजना है, जिससे गांवों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई जा सकेंगी। नक्सलियों ने क्यों छोड़ा संगठन? आत्मसमर्पणकर्ताओं ने बताया कि पुलिस के बढ़ते दबाव, लगातार सुरक्षा कैंपों की स्थापना, संगठन के भीतर शोषण, बाहरी नक्सलियों का भेदभाव, और स्थानीय लोगों पर हिंसा से तंग आकर उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया। सुकमा पुलिस का संदेश
पुलिस ने इस अवसर पर सभी नक्सलियों का स्वागत करते हुए कहा कि “जो भी हिंसा का मार्ग छोड़कर लौटना चाहता है, सरकार उसका पुनर्वास सुनिश्चित करेगी। यह आत्मसमर्पण भविष्य में और भी कई नक्सलियों को प्रेरित करेगा।
सोत्र-sukmapolicepro
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