Ghansyam Sharma / Thu, Oct 9, 2025 / Post views : 173
रायपुर। पत्रिका लुक ( भावेश जैन)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “जल है तो कल है, और जल से ही भविष्य संवरेगा। उन्होंने ‘सुजलाम भारत’ के अंतर्गत ओमाया गार्डन में आयोजित जल संरक्षण कार्यशाला में यह बात कही। मुख्यमंत्री ने जल कलश में जल अर्पित कर जल संचयन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार जल संकट पर चिंता जताई है और जनजागरूकता ही इसका समाधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में लोग अपने स्तर पर जल संरक्षण के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने राजनांदगांव की एक महिला सरपंच का उदाहरण देते हुए बताया कि उसने सूखे हैंडपंपों को पुनर्जीवित कर सराहनीय कार्य किया, जिसे केंद्र सरकार ने प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयासों से प्रेरणा लेकर हमें जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाना होगा।
मुख्यमंत्री ने पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश में केलो नदी का जल अर्पित कर धरती को सिंचित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महानदी, इंद्रावती, शिवनाथ और केलो जैसी नदियाँ प्रदेश की जीवनरेखाएँ हैं और हमें जल की हर बूंद का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम में जल संसाधन सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने बताया कि अब तक साढ़े तीन लाख जल संरचनाएँ बन चुकी हैं, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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