Ghansyam Sharma / Sat, Apr 5, 2025 / Post views : 130
रायपुर। पत्रिका लुक
तेलंगाना के भद्राद्री कोट्टागुंडम जिले में शनिवार को एक ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया जब कुल 86 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। यह आत्मसमर्पण ऐसे समय हुआ है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर हैं, जिससे यह घटना और भी महत्वपूर्ण बन जाती है।
कोट्टागुंडम पुलिस मुख्यालय में मल्टी ज़ोन-1 के आईजीपी चंद्रशेखर रेड्डी की मौजूदगी में आत्मसमर्पण करने वालों में 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल थीं। ये सभी माओवादी मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिलों से ताल्लुक रखते हैं।
इन माओवादियों पर आदिवासी क्षेत्रों में अवैध वसूली और विकास कार्यों में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप थे।
पुलिस की ओर से चलाए जा रहे लगातार दबाव और पुनर्वास योजनाओं ने इन माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।
सहायता राशि और पुनर्वास योजना
आत्मसमर्पण करने वाले 4 एसीएम (एरिया कमिटी मेंबर) को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
अन्य 82 सदस्यों को 25,000 रुपये की सहायता राशि के चेक दिए गए। आईजीपी रेड्डी ने सभी आत्मसमर्पणकर्ताओं से सामान्य जीवन अपनाने और सरकारी पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
इस अवसर पर एसपी रोहित राज, एएसपी शिवम उपाध्याय सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इसे शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में विकास की प्रक्रिया और तेज़ होगी।
आपको बतादें की पिछले चार महीनों में कुल 203 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इस दौरान 66 माओवादी गिरफ्तार भी किए गए हैं। यह इस बात का संकेत है कि सरकार की नीति, पुलिस की कार्रवाही और सरकार की पुनर्वास योजनाएं रंग ला रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन