Ghansyam Sharma / Sun, Sep 20, 2026 / Post views : 81
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
फरसगांव क्षेत्र के बालक आश्रम कोसागांव में कक्षा चौथी के छात्र के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना 16 सितंबर, बुधवार की बताई जा रही है। छात्र और उसके पिता ने बताया कि खिड़की तोड़ने का झूठा आरोप लगाकर आश्रम के सहायक शिक्षक उमेश नेताम डंडे से मारपीट किया गया। घटना के बाद छात्र के पैर में सूजन आ गई और उसे चलने में परेशानी होने लगी।
छात्र ने बताया कि उस पर आश्रम की खिड़की तोड़ने का आरोप लगाया गया। इसके बाद उसे तीन डंडे मारे गए। छात्र के अनुसार दोनों पैरों में एक-एक तथा पीठ पर एक डंडा मारा गया। उसके एक पैर में पूर्व में हुई एक घटना में चोट लगने के बाद रॉड डाली गई थी। छात्र का आरोप है कि इसी रॉड लगे पैर पर डंडे से चोट लगने के बाद सूजन आ गई और चलने में काफी दर्द होने लगा।
घटना के बाद 17 सितंबर, गुरुवार को छात्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। इसके बाद छात्र के पिता को फोन कर बेटे की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई और अस्पताल आने के लिए कहा गया। पिता अस्पताल पहुंचे और अपने बेटे से घटना की जानकारी ली। उपचार के बाद पिता अपने बेटे को अपने साथ घर ले गए।
छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे पर खिड़की तोड़ने का आरोप लगाकर डंडे से मारपीट की गई, जबकि उसके पैर में पहले से रॉड लगी हुई थी। चोट के बाद पैर में सूजन आने से मेरे बेटे को चलने में परेशानी हुई। पिता के अनुसार वर्तमान में सूजन कुछ कम है और बेटे की दवाइयां चल रही हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
आश्रम में रहने वाले बच्चे अनुशासन के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण के भी हकदार हैं। यदि किसी बच्चे के साथ मारपीट की शिकायत सामने आती है तो मामला केवल चोट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके मन में पैदा होने वाले डर और स्कूल आने-जाने के माहौल पर भी सवाल खड़े होते हैं। आखिर बच्चों को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा देने की जिम्मेदारी किसकी है? अब देखना होगा कि इस घटना के बाद जिम्मेदार स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
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