Ghansyam Sharma / Sat, Sep 19, 2026 / Post views : 16
30 स्थित ‘दीदी की रसोई मोर सुआद’ कैंटीन को लेकर शिकायत और विभागीय पक्ष सामने आया है। शिकायतकर्ताओं ने कैंटीन में भोजन की दरों, संचालन करने वाले स्व-सहायता समूह की पात्रता और आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मेन्यू कार्ड में सादा चावल ₹100, पनीर लबाबदार ₹330, वेज बिरयानी ₹250 और पिज्जा ₹290 तक की दरें होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने समूह में बिहान से जुड़े संविदा कर्मचारियों एवं शासकीय कर्मचारियों के परिजनों की सदस्यता होने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
शिकायत में आरटीआई के माध्यम से समूह के सदस्यों और आवंटन से संबंधित जानकारी मांगे जाने तथा जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही स्थानीय महिला समूहों को अवसर नहीं दिए जाने और आवंटन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं।
इधर, जिला पंचायत ने आरोपों को बताया भ्रामक
जिला पंचायत कोंडागांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने उड़ान महिला कृषक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को आजीविका गतिविधियों के संचालन के लिए परिसर आवंटित किया है। कंपनी द्वारा आवश्यक प्रक्रिया के बाद लक्ष्मी स्व-सहायता समूह पलारी को ‘दीदी की रसोई मोर सुआद’ कैंटीन/ढाबा संचालन के लिए दिया गया है। विभाग का कहना है कि समूह द्वारा स्वरोजगार के साथ जरूरतमंद लोगों को रोजगार देते हुए व्यवस्थित रूप से संचालन किया जा रहा है।
जिला पंचायत ने समाचारों और सोशल मीडिया में प्रसारित कुछ जानकारी को तथ्यहीन एवं भ्रामक बताया है। आरटीआई के संबंध में विभाग ने कहा कि आवेदक द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील किए बिना ‘सुनवाई’ होने का प्रकाशन किया गया, जिसे विभाग ने गलत बताया है। विभाग के अनुसार, मामले से संबंधित महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत भी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन