Ghansyam Sharma / Tue, Jun 3, 2025 / Post views : 186
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
कोण्डागांव जिले के भोंगापाल में आयोजित एक भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर भारतीय बौद्ध महासभा ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। महासभा के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अनिल मेश्राम ने कहा कि उन्हें और अन्य बौद्ध अनुयायियों को "बौद्ध महोत्सव" के नाम पर आमंत्रित किया गया था। लेकिन जब वे मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो वहां न तो कहीं "बौद्ध महोत्सव" का उल्लेख था और न ही "बुद्ध शांति पार्क" जैसी किसी भी बौद्ध पहचान को कार्यक्रम में स्थान दिया गया।
अनिल मेश्राम ने कहा कि इस तरह की उपेक्षा न केवल बौद्ध समुदाय के प्रति असम्मान है, बल्कि यह उन हजारों अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है, जो गौतम बुद्ध के शांति, समता और अहिंसा के संदेश को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड जैसे अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी भोंगापाल पहुंचे थे। सभी को उम्मीद थी कि इस मंच पर बौद्ध संस्कृति और धम्म की गरिमा को उचित स्थान मिलेगा, लेकिन दुर्भाग्यवश कार्यक्रम में ऐसा कुछ नहीं देखने को मिला। इस कार्यक्रम की निंदा की है।
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