Ghansyam Sharma / Fri, Oct 10, 2025 / Post views : 164
राज्य सरकार का बड़ा फैसला — 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी, 15 नवम्बर से शुरू
रायपुर। पत्रिका लुक (भावेश जैन)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आज हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्य में 25 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जाएगी। खरीदी 15 नवम्बर 2025 से प्रारंभ होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किसानों को अधिक पारदर्शिता के साथ 6 से 7 दिन के भीतर भुगतान किया जाएगा। धान खरीदी की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को समितियों में लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।
धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। किसान पंजीयन अब भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल पर होगा, जिसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है।
राज्य में अब तक 23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जा चुका है, जिससे धान रकबे का ऑनलाइन निर्धारण सुनिश्चित हुआ है। 20 हजार ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर से डिजिटल सर्वे और मैनुअल गिरदावरी के डेटा का पठन-पाठन ग्रामसभाओं में किया जा रहा है।
सरकार ने निर्णय लिया है कि वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम लागू किया जाएगा। खरीदी 2739 केंद्रों के माध्यम से की जाएगी। समितियों को इस वर्ष यदि खरीफ सीजन में कोई नुकसान नहीं होता तो उन्हें 5 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
धान खरीदी के लिए आवश्यकतानुसार नए एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था भी की जाएगी। खाद्य विभाग, भारत सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय पूल में 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
धान की रीसाइक्लिंग रोकने और मॉनिटरिंग मजबूत करने के लिए पहली बार इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर मार्कफेड कार्यालय में स्थापित किया जाएगा। जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।
धान खरीदी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रशासनिक अधिकारियों को केंद्र प्रभारी नियुक्त करें। सीमावर्ती राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए विशेष चेकिंग दल गठित किए जाएंगे। वहीं धान के उठाव और परिवहन में मितव्ययता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन