Ghansyam Sharma / Sun, Feb 1, 2026 / Post views : 253
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
वर्षा आधारित एवं आदिवासी बहुल कोंडागांव जिले में किसानों की आय बढ़ाने एवं फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, कोंडागांव द्वारा 1 फरवरी 2026, रविवार को कसावा (आलू कांदा) की खेती एवं मूल्य संवर्धन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में केशकाल विकासखंड के अमोडा, डोंगइपारा, सलेभाट, सिंकागांव एवं चेरबेडा गांवों के 56 किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. सुरेश कुमार मरकाम ने बताया कि कसावा कम पानी, कम उर्वरक एवं सीमित संसाधनों में उगाई जाने वाली फसल है, जिससे स्टार्च, टैपिओका, आटा, चिप्स एवं पशु आहार जैसे उत्पाद तैयार कर किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिल सकता है। भूपेन्द्र ठाकुर, शस्य वैज्ञानिक ने विटामिन-ए से भरपूर उन्नत किस्म ‘श्री जया’ की जानकारी दी, जो कुपोषण कम करने में सहायक है। डॉ. प्रिया सिन्हा ने रोपण तकनीक एवं मशीनों के उपयोग पर मार्गदर्शन दिया।
ग्राम सरपंच चंद्रकला सरकार व महिला मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष सोमा दास ने इसे ग्रामीण, महिला एवं आदिवासी किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। यह नवाचार जिले में कम प्रतिस्पर्धी एवं अधिक लाभकारी फसल के रूप में कसावा को स्थापित करने की दिशा में सार्थक कदम है।
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