Ghansyam Sharma / Tue, Oct 21, 2025 / Post views : 241
रायपुर। पत्रिका लुक (भावेश जैन)
छत्तीसगढ़ परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन स्थित सभा कक्ष में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक अनुज शर्मा, सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. कमलप्रीत सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि जनवरी से अगस्त 2025 के बीच प्रदेश में 10,431 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.23% अधिक हैं। इन दुर्घटनाओं में 9,132 लोग घायल हुए और 4,770 लोगों की मृत्यु हुई। मंत्री कश्यप ने इस चिंताजनक वृद्धि पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि जिन जिलों में दुर्घटनाएं अधिक हैं, वहां कलेक्टर व्यक्तिगत समीक्षा करें और रोकथाम के ठोस उपाय सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के चार स्तंभ — अभियांत्रिकी, प्रवर्तन, शिक्षा/जनजागरूकता और आकस्मिक उपचार — के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हर माह अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए, और उसकी रिपोर्ट MORTH पोर्टल पर अपलोड की जाए।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि राज्य के 1000 ब्लैक स्पॉट में से 887 का सुधार कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 113 स्थानों पर कार्य जारी है। इसी प्रकार 4273 जंक्शनों में से 3148 का सुधार पूरा हो चुका है। मंत्री ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
पुलिस विभाग ने जनवरी से अगस्त 2025 के दौरान 6,03,283 प्रकरणों में 26.95 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला, जबकि परिवहन विभाग ने 5,55,666 चालानी प्रकरणों से 115.54 करोड़ रुपये प्राप्त किए — जो पिछले वर्ष से 50% अधिक है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि रायपुर और सिमगा में ट्रॉमा स्टेब्लाइजेशन सेंटर शुरू हो चुके हैं, अन्य निर्माणाधीन हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि शेष केंद्र शीघ्र प्रारंभ हों और दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस इलाज योजना का लाभ तत्काल मिले।
मंत्री ने कहा कि iRAD और eDAR पोर्टल में समय पर एंट्री नहीं हो रही है, जिसे सभी विभाग गंभीरता से लें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अपने पेशेंट एंट्री रजिस्टर को पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग ने बताया कि सड़क सुरक्षा विषयक सामग्री पहली से दसवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में शामिल की जा चुकी है, जो सत्र 2025-26 से लागू होगी। मंत्री ने स्कूलों में निबंध, वाद-विवाद, चित्रकला, क्विज़, रैली और नुक्कड़ नाटक जैसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
अंत में मंत्री केदार कश्यप ने कहा —
“सड़कें सबकी हैं, सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करें, संयम से वाहन चलाएं, मोबाइल पर बात करते या नशे की हालत में वाहन न चलाएं। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें और किसी घायल की मदद करें — ‘सड़क सुरक्षा मितान’ का सम्मान सरकार करेगी।”
मंत्री ने कहा कि जिन जिलों में दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं, वहां के कलेक्टर व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें और कारणों का विश्लेषण कर रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करें। ब्लैक स्पॉटों के सुधार कार्यों से हुई प्रगति की जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। अंत में मंत्री ने जनता से अपील की कि सड़कें सबकी हैं, सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करें, संयम से वाहन चलाएं, मोबाइल पर बात करते या नशे की हालत में वाहन न चलाएं। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करें, क्योंकि सड़क सुरक्षा मितान का सम्मान सरकार करेगी।
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