Ghansyam Sharma / Wed, Oct 8, 2025 / Post views : 191
विश्रामपुरी। पत्रिका लुक (नरेंद्र सेठिया)
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) टीम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) विश्रामपुरी की सक्रियता और संवेदनशीलता ने एक छोटे बच्चे को नया जीवन दिया है। टीम ने विद्यालयी स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान एक मासूम में रेक्टल प्रोलैप्स (Rectal Prolapse) जैसी गंभीर समस्या की पहचान की। यह स्थिति ऐसी होती है, जिसमें बच्चे की आंत का निचला हिस्सा मलद्वार से बाहर की ओर निकल आता है — जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकता है।
जैसे ही टीम को यह स्थिति समझ आई, उन्होंने बिना किसी विलंब के बच्चे को प्राथमिक उपचार देते हुए तत्काल जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर किया। वहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चे का आगे उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर निदान और रेफरल से गंभीर जटिलताओं को टालना संभव हुआ।
इस पूरी प्रक्रिया में बीएमओ डॉ. अनुराग भारती का विशेष मार्गदर्शन रहा। उनके निर्देशन में आर.बी.एस.के. टीम — जिसमें ए.एन.एम., फार्मासिस्ट व मोबाइल हेल्थ टीम सदस्य शामिल थे — ने बच्चे को तुरंत उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
डॉ. भारती ने बताया कि “राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकार, बीमारियों और विकास संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। विश्रामपुरी की टीम ने इस उद्देश्य को साकार रूप में निभाया है।”
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी टीम की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की सराहना की।
एक अभिभावक ने कहा — “अगर टीम समय पर ध्यान नहीं देती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हम उनके आभारी हैं।”
इस तरह आर.बी.एस.के. टीम ने अपने समर्पण और तत्परता से यह साबित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदना और जिम्मेदारी सबसे बड़ी शक्ति है।
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