Ghansyam Sharma / Sat, Oct 11, 2025 / Post views : 177
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
माकड़ी विकासखंड के कांटागांव स्थित आदिवासी कन्या आश्रम में शनिवार सुबह 11 वर्षीय छात्रा चंपा नेताम की फांसी लगाकर हुई मौत ने आश्रम प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 10 बजे छात्रा लालिमा सोरी ने कक्ष में प्रवेश करते हुए चंपा को स्कूल यूनिफार्म की टाई से खिड़की में लटका हुआ देखा। उसने कैची से टाई काटकर नीचे उतारा और शिक्षकों को सूचना दी। उसके बाद स्टॉप ने तत्काल बच्ची को माकड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना आदिवासी कन्या आश्रम में शाला संचालन के समय की बताई जा रही है, फिर भी किसी शिक्षक या स्टाफ को भनक तक नहीं लगी। इसी को लेकर गांव के सरपंच मोतीराम मरकाम ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। उनका कहना है कि यह समय बच्चों के भोजन का था, ऐसे में किसी बच्ची की अनुपस्थिति पर स्टाफ को तुरंत ध्यान देना चाहिए था।
बिवला गांव के सरपंच लक्ष्मण नेताम ने परिजनों की ओर से कहा कि चंपा मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थी और कुछ दिन पहले ही आश्रम में छोड़ी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह 10 बजे हुई घटना की जानकारी परिजनों को दोपहर 12 बजे के बाद दी गई और पहले बच्ची के बीमार होने की झूठी जानकारी देकर गुमराह किया गया। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम अजय उरांव, सहायक आयुक्त कृपेंद्र तिवारी, तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे।
सहायक आयुक्त ने बताया कि यह घटना स्कूल समय में हुई है और जांच का विषय है जांच के बाद जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाही की जाएगी।
एसडीएम अजय उरांव ने कहा कि प्रारंभिक जांच में छात्रा अपनी टाई से लटकते हुए पाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या थी या कोई अन्य कारण।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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