Ghansyam Sharma / Fri, Feb 13, 2026 / Post views : 232
गंदगी और बदबू से ग्रामीणों का जीना हुआ दुश्वार, प्रशासन के लिखित आदेश के बाद थमा आंदोलन
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिले के ग्राम कोकोड़ी में स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार रात उस वक्त भड़क उठा, जब उन्होंने प्लांट में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाले दूषित पानी और फैल रही बदबू से उनका जीना मुहाल हो गया है, जिसके कारण फसलें भी खराब हो रही हैं।
करीब 19 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद शुक्रवार दोपहर को प्रशासन के आश्वासन और प्लांट को बंद रखने के लिखित आदेश के बाद ग्रामीण शांत हुए।
लंबे समय से उपेक्षित थी समस्या
बता दें कि इस प्लांट की स्थापना का उद्देश्य स्थानीय मक्का उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना था। तत्कालीन सांसद राहुल गांधी ने 16 फरवरी 2019 को इसका शिलान्यास किया था, जिससे शुरुआत में ग्रामीणों में काफी उत्साह था। हालांकि, निर्माण के बाद से ही यह प्लांट विवादों में घिरा रहा और प्लांट से होने वाले प्रदूषण को लेकर ग्रामीण समय-समय पर अपना गुस्सा जाहिर करते रहे हैं।
बेलगाम हुआ गुस्सा, की गई तोड़फोड़
गुरुवार रात करीब नौ बजे बड़ी संख्या में लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने प्लांट पर धावा बोल दिया और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और कलेक्टर को बुलाने की जिद करते रहे। हालांकि, कलेक्टर के न पहुंच पाने पर एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाया और प्लांट को बंद रखने का स्टांप पेपर पर लिखित आदेश सुनाया। इसके बाद कहीं जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस दौरान एडिशनल एसपी कपिल चंद्रा ने खुद मोर्चा संभाला और इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन और तोड़फोड़ से प्लांट को हुए नुकसान का अभी तक स्पष्ट आकलन नहीं हो पाया है।
हठधर्मिता से मजबूर होकर किया प्रदर्शन
ग्राम पंचायत कोकोडी की सरपंच सुकमन नेताम ने कहा, "प्लांट लगाते समय विकास का वादा किया गया था, लेकिन यह प्लांट हमारे लिए अभिशाप बन गया। प्लांट से निकलने वाले दूषित पानी की बदबू से पूरा गांव परेशान है। इस पानी से खेतों की फसलें खराब हो रही हैं और जमीन बंजर होती जा रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कलेक्टर और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने हठधर्मिता दिखाई, जिससे मजबूर होकर उन्हें यह प्रदर्शन करना पड़ा।
प्रशासन ने बंद कराया प्लांट
कोंडागांव के डिप्टी कलेक्टर चित्रकान्त चाली ठाकुर ने बताया, "पिछले कुछ महीनों से प्लांट को लेकर ग्रामीणों से बातचीत चल रही थी। घटना की सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत कराया। फिलहाल, मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है।"
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