Ghansyam Sharma / Tue, Apr 5, 2022 / Post views : 170
कोंडागांव पत्रिका लुक।
नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से खनन करना किसी भी नजरिये से सही नहीं है। कोंडागांव जिले में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के दावे प्रशासन कर रहा लेकिन कहीं न कहीं कुछ ऐसी खामियां रह जाती हैं, जो इस पर रोक लगाने में बाधक बनती हैं।जिले के नदियों व नाली में अवैध खनन लगातार जारी है और खनन विभाग व पुलिस की टीमें महज चालान काटने तक ही सीमित होकर रह गई हैं। खनन माफिया लाभ कमा रहे है जबकि लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। अवैध खनन से केवल पर्यावरण को नुकसान नहीं हो रहा बल्कि नदियों व नालो के रास्ता बदलने से उपजाऊ भूमि भी बह रही है। खनन से नदियों ,नालो के गहरा होने से कई स्थानों पर पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। अवैध खनन कर खोदे गड्ढों में गिरकर लोगो की मौत भी हुई है। चिंताजनक है कि सब कुछ जानते हुए भी निर्माण एजेंसियां लाभ कमाने के लालच में अवैध खनन से पीछे नहीं हट रहे।
मामला कोंडागांव जिला अंतर्गत आने वाले बड़ेकुरुषनार में स्थित बरसाती नाले का है, जहां ठेकेदार द्वारा संवेदनशील क्षेत्र होने बहाना बना नियमों को ताक पर रख पिछले कई दिनों से पोकलैंड व हाईवा लगाकर रेत का अवैध उत्खनन कराया जा रहा है, ग्रामीणों ने जानकारी देते बताया बीच खेत से होकर नाला बहती है ,जहां से ठेकेदार द्वारा बिना जमीन मालिक की अनुमति के रेत का अवैध उत्खनन कर खेत का आकार बिगाड़ने में लगा है, रेत निकलने के लिए ठेकेदार को मना करने पर जेल भेज देने की धमकी दी गई है। सूत्र बता रहे हैं कि इस पूरे मामले में मर्दापाल थाना का टीआई भी ठेकेदार को रेत निकलने की मद्दत कर रहा है। इस लिए जमीन मालिक किसी को कुछ बोलने डर रहा है।
नेहा टंडन जिला खनिज निरीक्षक ने मर्दापाल थाना को सूचित कर कार्रवाई हेतु निर्देशित करने की बात कही।
खबर का श्रोत - ग्रामीण विश्वसनीय
लेखन बिरज नाग
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