Ghansyam Sharma / Thu, Oct 16, 2025 / Post views : 195
विश्रामपुरी म पत्रिका लुक (नरेंद्र सेठिया)
रजत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुरी में आज कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अक्षमता एवं विकृति सुधार शिविर तथा जल-तेल उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य कुष्ठ रोगियों में उत्पन्न विकृतियों को सुधारना, उन्हें शारीरिक रूप से सक्षम बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था।
शिविर का संचालन बीएमओ डॉ. अनुराग भारती के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में फिजियोथैरेपिस्ट प्रतिमा लकड़ा, आरएमए हेमलाल ठाकुर और पर्यवेक्षक श्रवण कुमार साहू ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम द्वारा मरीजों को कुष्ठ रोग से संबंधित जानकारी, उसकी पहचान, उपचार की प्रक्रिया और नियमित दवा सेवन के महत्व के बारे में बताया गया।
शिविर में कुल 20 कुष्ठ रोगी उपस्थित हुए, जिनकी जांच कर आवश्यक उपचार और फिजियोथेरेपी प्रदान की गई। साथ ही मरीजों को जल-तेल उपचार की पद्धति समझाई गई, जिससे अंगों की जकड़न, दर्द और विकृति में सुधार हो सके।
स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. भारती ने बताया कि इस प्रकार के शिविरों का उद्देश्य कुष्ठ रोगियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें समाज में समान सम्मान दिलाना है। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार और सतत निगरानी से कुष्ठ पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
शिविर में स्वास्थ्य कर्मियों ने सामुदायिक सहयोग का संदेश देते हुए लोगों से अपील की कि कुष्ठ रोगियों के प्रति भेदभाव न करें, बल्कि उन्हें उपचार हेतु स्वास्थ्य केंद्र तक लाने में मदद करें।
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