Ghansyam Sharma / Fri, Dec 26, 2025 / Post views : 226
कोंडागांव | पत्रिका लुक (सरला यादव)
पारंपरिक बस्तर शिल्प संग्रहालय में बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित पारंपरिक बस्तर विधाओं पर आधारित पाँच दिवसीय कार्यशाला का जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई ने अवलोकन किया।
अवलोकन के दौरान सीईओ भोई ने कार्यशाला में सहभागी कलाकारों द्वारा निर्मित कलाकृतियों को देखा और उनके कौशल व सृजनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएँ पारंपरिक कला को संरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
उल्लेखनीय है कि शिल्प नगरी के रूप में प्रसिद्ध कोंडागांव में आयोजित इस कार्यशाला में बस्तर अंचल के वरिष्ठ एवं प्रसिद्ध लोक कलाकारों की सक्रिय सहभागिता रही। कलाकारों द्वारा पारंपरिक शिल्प, लोककला और सांस्कृतिक विधाओं का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिससे युवाओं को इन कलाओं को नजदीक से समझने और सीखने का अवसर मिला।
इस अवसर पर सीईओ भोई ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ युवाओं को पारंपरिक कला सीखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करेंगी और बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती देंगी।
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