Ghansyam Sharma / Wed, Jan 28, 2026 / Post views : 225
किसानों के पट्टे पर खपाने बड़े पैमाने पर पहुंच रहा पड़ोसी राज्य का धान
कोंडागांव।पत्रिका लुक
समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी लाभ प्रशासनिक तंत्र की विफलता के चलते किसानों से अधिक बिचौलिए उठा रहे हैं।पड़ोसी राज्य उड़ीसा की सीमा पर जिला प्रशासन की ओर से लगाया गया चेक पोस्ट या निगरानी तंत्र अवैध धान की आवक रोकने में पूरी तरह असफल साबित हो रहा।और उन्हीं रास्तों से पार होकर बड़े पैमाने पर धान जिले में पहुंच रहा।जिसे किसानों के पट्टे में उपार्जन केंद्रों पर खपाया जा रहा।
दाम अधिक मिलने के कारण बिचौलिए सक्रिय ।
बिचौलिए पड़ोसी राज्य से कम कीमत में धान खरीद किसानों को अधिक कीमत में बेचते है।उन्होंने दावा किया कई ट्रक धान जिले में उन्होंने खपाया है,खरीदी की शुरुआत में जिले के सीमावर्ती गांवों और अंदरुनी मार्गों पर स्थित चेक पोस्ट में कर्मचारियों को तैनाती से दिक्कते आई धीरे धीरे सब सेट हों गए, आज धान लोड कर सीधे किसानों के पास पहुंचाते है,कही कोई दिक्कत नहीं।
चेकपोस्ट पर कर्मचारियों की हुई थी तैनाती
जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना था कि पड़ोसी राज्यों का धान रोकने के इंतजाम किए गए हैं। पिछले खरीफ सीजन की व्यवस्था के अनुरूप इस बार भी चेकपोस्ट लगाकर कर्मचारियों को तैनात किया गया है। समितियों में बिचौलियों का धान ना खप सके, इसके लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
किसान, समिति कर्मचारी और बिचौलियों का गठजोड़
पड़ोसी राज्यों से धान खपाने का खेल किसान, बिचौलियों और समिति कर्मचारियों के बीच गठजोड़ से चलता है। पड़ोसी राज्य की सीमा पर स्थित गांवों से धान लाकर जिले के किसानों के नाम से ही धान की बिक्री की जाती है और उसे भी कमाई का एक हिस्सा दिया जाता है। चालू खरीफ सीजन में गिरदावरी (धान रोपित रकबा और संभावित उत्पादन की गणना) के वावजूद बिचौलियों के लिए धान खपाना मुश्किल नहीं।
ऐसा कर रहे बिचौलिए
0 पड़ोसी राज्य में जरूरतमंद किसानों से कम दाम पर खरीद रहे धान।
0 पड़ोसी राज्यों से भी धान की खरीदी कर सीमाई गावो में संग्रहित कराने का करते हैं प्रयास।
0 संसाधनों के अभाव में धान की खेती नहीं करने वाले किसानों से जमीन से संबंधित सेटिंग।
0 समिति कर्मचारियों से लगातार संपर्क ताकि बाहरी धान की बिक्री में बाधा न आए।
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