Ghansyam Sharma / Wed, Nov 12, 2025 / Post views : 191
केशकाल। पत्रिका लुक (नरेंद्र सेठिया)
जहाँ एक ओर राज्य और केंद्र सरकारें शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के बड़े-बड़े दावे करती हैं, वहीं ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। आपको बतादे कि कोण्डागांव ज़िले के केशकाल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सालेभाट स्थित जनपद प्राथमिक शाला सालेभाट में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। यहाँ कक्षा पहली से पाँचवीं तक के लगभग 50 विद्यार्थी मात्र एक शिक्षक के भरोसे पढ़ने को मजबूर हैं।
विद्यालय में पदस्थ शिक्षक अंकालू राम मरकाम ने बताया कि पहले यहाँ एक प्रधानपाठक की नियुक्ति हुई थी, लेकिन वे नशे के आदी थे। उच्च अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान नशे की हालत में पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। तब से विद्यालय की सारी ज़िम्मेदारी अकेले उन्हीं के कंधों पर है।
उन्होंने बताया कि कई बार अतिरिक्त शिक्षक की मांग शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से की गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्राम के उप सरपंच उत्तम कुमार सलाम ने बताया कि हमने कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिक्षक की कमी और नए शिक्षक की नियुक्ति की मांग की है, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण आज तक एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। अब तो भरोसा उठ चुका है।
ग्रामीण तुलेश कुमार नेताम ने बताया कि शिक्षक की कमी की समस्या को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दिया गया था। इसके अलावा कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, परंतु आज तक विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एक ही शिक्षक के भरोसे 50 बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से जल्द अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
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