Ghansyam Sharma / Tue, Jan 27, 2026 / Post views : 246
केशकाल। पत्रिका लुक (नरेंद्र सेठिया)
केशकाल में स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की अव्यवस्थाओं से एक बार फिर किसान परेशान नजर आए। बैंक में लगातार बनी हुई राशि निकासी (विड्रॉल) की समस्या के कारण दूर-दराज के गांवों से आए किसान घंटों तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन लंबा इंतजार करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।


किसानों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लगातार कई दिनों से नकदी की कमी और तकनीकी खामियों के चलते उन्हें बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई किसान खेती-किसानी से जुड़े जरूरी कार्यों, खाद-बीज की खरीदारी और घरेलू जरूरतों के लिए पैसा निकालने पहुंचे थे, लेकिन बैंक प्रबंधन की लापरवाही के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


इस दौरान किसानों ने बैंक कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार और टालमटोल रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि जब वे अपनी समस्या बताने काउंटर पर पहुंचे, तो कर्मचारियों ने ठीक से बातचीत नहीं की और उन्हें बार-बार टाल दिया गया, जिससे आक्रोश बढ़ता गया।
लगातार हो रही परेशानियों और बैंक प्रबंधन की उदासीनता से नाराज किसानों ने बैंक के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्का जाम के चलते सड़क पर कुछ समय के लिए आवागमन बाधित हो गया और राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
चक्का जाम की सूचना मिलते ही केशकाल पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाइश दी। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त किया, तब जाकर यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में बैंक की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ और उन्हें इसी तरह परेशान किया गया, तो वे और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह घटना ग्रामीण अंचलों में बैंकिंग व्यवस्था की कमजोरियों को एक बार फिर उजागर करती है, जहां किसानों को अपने ही पैसे के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
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