Ghansyam Sharma / Tue, May 20, 2025 / Post views : 194
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ सरकार ने साहित्य और लोककला के क्षेत्र में योगदान देने वाले वरिष्ठ, वंचित एवं अभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनकी मासिक पेंशन राशि को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया है। इस निर्णय का स्वागत पूरे प्रदेश में कलाकार समुदाय द्वारा किया जा रहा है।
लोकगायक सिद्धार्थ महाजन, जो बस्तर संभाग में लंबे समय से लोककला और जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय हैं, ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संस्कृति मंत्री विजय शर्मा, और संस्कृति विभाग नवा रायपुर को धन्यवाद देते हुए इसे ऐतिहासिक और कलाकार हितैषी फैसला बताया।
सिद्धार्थ महाजन ने कहा,
“यह निर्णय न केवल कलाकारों के सम्मान को बढ़ावा देता है, बल्कि उनकी जीवनयापन की स्थिति में भी ठोस सुधार करेगा। इससे हजारों ऐसे कलाकारों को राहत मिलेगी जो वर्षों से कला के माध्यम से समाज सेवा में लगे हैं, परंतु आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं।
लगातार सेवा, सीमित संसाधन
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी संस्था पिछले 15 वर्षों से बस्तर संभाग के दूरस्थ गांवों में लोकनृत्य, गीत-संगीत और नाटकों के माध्यम से सामाजिक संदेश प्रसारित कर रही है। संस्था कुपोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन संरक्षण, और शासकीय योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री से रखी दो अहम मांगें
सिद्धार्थ महाजन ने आगे मुख्यमंत्री से दो प्रमुख योजनाओं के शीघ्र गठन की मांग की:
1. मुख्यमंत्री कलाकार वाद्य यंत्र प्रोत्साहन योजना – जिसके अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों को वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए जा सकें।
2. लोक कलाकार कल्याण कोष – जो आपातकालीन स्थितियों में कलाकारों और उनके परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करे।
कलाकारों को मिलेगा नया संबल
इस निर्णय से कलाकार समुदाय को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। यह पेंशन वृद्धि न केवल आर्थिक संबल प्रदान करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने वाले कलाकारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान भी दिलाएगी।
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