Ghansyam Sharma / Sat, Aug 20, 2022 / Post views : 144
आम जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग, सेनेटरी पैड हुआ एक्सपायरी, जिम्मेदारी किसकी, क्या जिला प्रशासन इस मामले कराएंगी जांच
कोंडागांव पत्रिका लुक।
एक ओर जहां राज्य सरकार अच्छे भविष्य के लिए आदिवासी बंच्चो के बेहतर शिक्षा व स्वस्थ सुविधा उपलब्ध करने में हर संभव प्रयास में लगे रहते है, पर राज्य सरकार के अधिकारी कर्मचारी अपने दायित्वों का पालन सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। जिस कार्य के लिए उन्हें सरकारी नौकरी दी गई है, पर कुछ अधिकार कर्मचारी सिर्फ और सिर्फ AC में बैठकर ही अपना समय व्यतीत कर रहे है । जबकि कुछ अधिकारी मैदानी इलाको में जाकने की फुर्सत नहीं हैं। 
ऐसा इस लिए कहां जा रहा है क्योंकि कोंडागांव जिला में सरकारी महिला आश्रम छात्रावासों में आदिवासी बच्चों के उपयोग के लिए शासन से मिलने वाली शासकीय राशि का दुरुपयोग किस प्रकार से किया जा रहा है यह एक बार फिर से जिले में देखने को मिला है। विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि उच्च स्तरीय सप्लायर द्वारा जिले में बड़ी मात्रा में सेनेटरी पैड की सप्लाई की गई थी। सेनेटरी पैड को कमला नेहरू मैट्रिक छात्रावास कोंडागांव की रखा गया हैं वही सप्लाई हुए सेनेटरी पैड को अधीक्षिका द्वारा रिसीविंग किया गया था, लेकिन शासन द्वारा बच्चों के उपयोग हेतु आवंटित पैसों से खरीदे गए सेनेटरी पैड बच्चों के काम ही नहीं आ पाया। सेनेटरी पैड बगैर उपयोग के ही एक्सपायर हो चुके हैं जिसे चोरी छुपे डिस्पोज करने की तैयारी में थे। विश्वसनीय सूत्र की माने तो एक पिकअप सेनेटरी पैड चोरी छुपे पहले ही फिकवाया (डिस्पोज) किया जा चुका है।
मीडिया कर्मियों ने महिला छात्रावास में जाने के लिए अधिकारी को लगाया फोन
मीडिया कर्मियों के द्वारा जब आश्रम छात्रावास का निरक्षण करने के लिए एसडीएम चित्रकान्त राजेश चार्ली एवं एसडीओपी निमितेश सिंह को जानकारी दी गई कि छात्रावास में बंच्चो को वित्तरण करने आए सेनेटरी पैड खराब हो रहा है और वित्तरण नहीं किया गया है। जिस पर SDM व SDOP के द्वारा महिला पुलिस को भेजा गया और उस महिला पुलिस के साथ छात्रावास का निरक्षण मीडिया कर्मियों के द्वारा किया गया और छात्रावास अधीक्षिका से सेनेटरी पैड के बारे में पूछा गया तो अधीक्षिका के द्वारा सेनेटरी पैड नहीं होना बताया । लेकिन निरक्षण में पाया गया कि छात्रावास के रसोई कक्ष के स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में सेनेटरी पेड कंबल व मच्छरदानी से ढक कर रखा गया था। इस पर अधीक्षिका ने कहां कि उक्त सेनेटरी पैड कोरोना काल के दौरान सप्लाई में आया था। बहुत से सेनेटरी पैड को छात्रावास में बाट दिया गया हैं और जो उपयोगी होगा उसे बंच्चो को बाट दिया जाएगा, जो एक्सपायर हो चुके है उसे डिस्पोज करवाया जाएगा ।
डॉक्टरों की राय एक्सपायर सेनेटरी पैड पर
एक्सपायर तिथि का सेनेटरी पैड उपयोग से क्या नुकसान
डॉक्टरों की राय हैं कि एक्सपायर सेनेटरी पैड का उपयोग अगर बच्चे कर रहे हैं तो हाइजीन व अन्य संक्रमण से बच्चों के ग्रसित होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
सहायक आयुक्त संकल्प साहू का क्या कहना
इस मामले पर सहायक आयुक्त संकल्प साहू कोंडागांव ने कहां एक्सपायरी सेनेटरी पैड को डिस्पोज कराया जाएगा और वर्तमान में हमारे पास कोई आवंटन नहीं है, जिसकी वजह से हमने सेनेटरी पैड नहीं खरीद पाए हैं यदि आश्रम छात्रावासों में वितरित किया जा रहा होगा तो अधीक्षिका शिखा अपने स्तर पर वितरित कर रहे होंगे।
सहायक आयुक्त संकल्प साहू बयान से
इस मामले पर सहायक आयुक्त संकल्प साहू कोंडागांव ने बयान से यह स्पस्ट हो जाता है कि उनके पास वर्तमान में सेनेटरी पैड खरीदने पैसे आबंटन नहीं हुआ है। लेकिन पूर्व में किसके आदेश से सेनेटरी पैड खरीदा गया ओर कितनी राशि का खरीदा गया इसके बारे में नहीं बताया। इस पूरे मामले में जिला स्तरीय जांच होनी चाहिए क्यों कि आम जनता के द्वारा दिए गए टैक्स के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है । बरहाल देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले को किस प्रकार लेते है।
सूत्र मीडिया कर्मी
लेखन-घनश्याम शर्मा
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