Ghansyam Sharma / Wed, Apr 9, 2025 / Post views : 171
एमिटी विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
660 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर उपधि वितरित
रायपुर। पत्रिका लुक
एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और इसे शिक्षा, समर्पण तथा उपलब्धियों के उत्सव का दिन बताया। समारोह में कुल 660 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं, जबकि 39 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 16 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधियाँ तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक डॉ. वी.के. दास और उद्योगपति श्री एस.एन. स्वामी को डॉक्टरेट की मानद उपाधियाँ प्रदान की गईं।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में राज्यपाल डेका ने कहा कि ज्ञान और कौशल आधुनिक विश्व में परिवर्तन और विकास के मूल आधार हैं। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों से अपेक्षा जताई कि वे केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित न रहकर, विचारशील, नवाचारी और समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिकों को गढ़ने में भी अपनी भूमिका निभाएं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य प्राचीन काल से ही ज्ञान और परंपरा की भूमि रहा है। राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नवाचार, उद्यमिता और शोध की ओर अग्रसर हों क्योंकि भारत को आत्मनिर्भर बनाने में यही तत्व प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार है। उन्होंने शिक्षा को व्यवसाय से दूर रखने और इसे सेवा और विकास का मार्ग बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
समारोह में विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक के. चौहान, अध्यक्ष डॉ. असीम के. चौहान, कुलाधिपति डॉ. डब्लू. सेल्वमूर्ति, कुलपति डॉ. पीयूष कांत पांडे सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह शैक्षणिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक गरिमा और प्रेरणास्पद विचारों से समृद्ध रहा।
सोत्रdprcg
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