Ghansyam Sharma / Fri, Oct 3, 2025 / Post views : 198
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग, सरपंच ने बताया गैर-जिम्मेदाराना रवैया
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जनपद पंचायत कोण्डागांव के अंतर्गत ग्राम पंचायत पुसावंड में आयोजित ग्राम सभा उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब ग्रामीणों ने ग्राम सचिव पर शराब पीकर सभा में शामिल होने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव ने न केवल नशे की हालत में सभा में शिरकत की, बल्कि जब उनसे पिछले कार्यों का लेखा-जोखा और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी मांगी गई तो वह जवाब देने के बजाय बहस करने लगे।
ललित सेठिया सचिव ग्राम पंचायत पुसावंड
ग्रामीणों के अनुसार, सचिव ने लापरवाह रवैया अपनाते हुए यहां तक कह दिया कि –मैं पीकर आया हूँ तो मेरा क्या होगा? ज्यादा से ज्यादा मुझे यहां से हटा दिया जाएगा। इस टिप्पणी से ग्रामीण और अधिक आक्रोशित हो उठे।
ग्राम सभा रामूराम सिंहा, नोडल अधिकारी ग्राम पंचायत पुसावंड और सरपंच ने भी सचिव के व्यवहार की निंदा करते हुए इसे बेहद गंभीर और गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया। स्थिति बिगड़ने पर नोडल अधिकारी और सरपंच ने संयुक्त रूप से ग्राम सभा को निरस्त करने का निर्णय लिया।
सभा के निरस्त होने से ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा गांव की सर्वोच्च संस्था है, जहां विकास कार्यों की समीक्षा और आगामी योजनाओं पर निर्णय लिया जाता है। ऐसे में सचिव का यह रवैया लोकतांत्रिक प्रणाली और ग्रामसभा की गरिमा पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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