Ghansyam Sharma / Wed, Oct 8, 2025 / Post views : 159
रायपुर। पत्रिका लुक। (भवेश जैन)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर स्थित सिविल लाइन के कन्वेंशन हॉल में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला में शामिल हुए और इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष भी इसी सभागार में यह कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित हुई थी, जिसे पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया गया। जशपुर में आयोजित 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया शामिल हुए थे, जिसमें जनजातीय समाज की पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, आभूषण और संस्कृति का प्रदर्शन किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा था कि ऐसे आयोजन देशभर में प्रतिवर्ष होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लेकर जनजातीय नायकों की गौरवशाली विरासत को सम्मान दिया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन कर जनजातीय समाज के सम्मान और विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं। जनमन योजना के अंतर्गत 2,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 32,000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के 14 जनजातीय विद्रोहों और अमर शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जो आदिवासी इतिहास और गौरव की धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि जनजातीय गौरव और इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सके।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और इतिहास को रेखांकित करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगी। इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और रोजगार के माध्यम से जनजातीय समाज को सशक्त बनाना है।
आदिम जाति विकास और कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि इस कार्यशाला की रूपरेखा प्रबुद्धजनों द्वारा तैयार की जाएगी और राज्य सरकार उसी दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश के सभी जिलों में जनजातीय गौरव दिवस सफलतापूर्वक आयोजित हुआ था, इस बार इसे और अधिक प्रभावी और भव्य रूप से मनाया जाएगा।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रम में 70,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था, जिससे यह संदेश गया कि छत्तीसगढ़ ने जनजातीय समाज के उत्थान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री योगेश बापट ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मनिर्भर है और उसके गौरव को पुनः स्थापित करना हम सबका कर्तव्य है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, रोजगार एवं प्रशिक्षण संचालक विजय दयाराम के., विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राचार्य और संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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