Ghansyam Sharma / Sat, Oct 25, 2025 / Post views : 243
वेयरहाउस में कनकी का कारोबार, मिलर और अफसरों की साठगांठ
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिले की राशन दुकानों से हितग्राहियों को वितरित किए जा रहे चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें कनकी (टूटा चावल) युक्त खराब गुणवत्ता का चावल मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से 40 प्रतिशत से अधिक कनकी मिलावट वाले चावल को भी वेयरहाउस में भंडारित कराया जा रहा है। इस खुलासे के बाद राज्य सरकार की मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना की साख पर सवाल उठने लगे हैं।
नगर के हितग्राहियों ने बताया कि “पहले अच्छा चावल मिलता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से कनकी से भरा चावल मिल रहा है।” कोण्डागांव नगर के किसान राइस मिल से आपूर्ति किए जा रहे ग्रेड-A चावल में 40% तक कनकी होने का आरोप लगाया गया है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि रियायती दर पर मिलने वाला यह चावल मिलर द्वारा वेयरहाउस में जमा कराया जाता है, जहां से राशन दुकानों को वितरण के लिए भेजा जाता है। इसी दौरान चावल में कनकी मिलाने का खेल किया जाता है। आरोप है कि नान के जिम्मेदार अधिकारी इस मिलावट पर आंख मूंदे रहते हैं और प्रति लॉट लगभग ₹15,000 की कथित कमीशन प्राप्त करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस पर तत्काल जांच नहीं हुई तो गरीब हितग्राहियों को मिल रही सरकारी सहायता योजना की साख पर गंभीर असर पड़ेगा।
इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी और नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक से संपर्क करने की कोशिश की गई, किंतु दोनों अधिकारियों ने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।
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