Ghansyam Sharma / Thu, Sep 25, 2025 / Post views : 180
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
21 सितंबर को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, चिचाड़ी परिसर में एक आदिवासी छात्र ने आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना के बाद कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने दौरा किया और अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ विशेष बैठक की। और अधिकारियों कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिया गया।
नूपुर राशि पन्ना कलेक्टर ने मीडिया से कहा कि कुछ बच्चे पढ़ाई के दबाव, पारिवारिक समस्याओं या मानसिक तनाव के कारण परेशान रहते होने शायद या और अपनी समस्याओं को व्यक्त नहीं कर पाते। इस कारण ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। हम इसे गंभीरता से लेते हैं और पूरी जांच कराएंगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की गहन जांच के बाद ही आगे कार्रवाई होगी। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
जांच टीम का गठन: कलेक्टर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए एक जांच टीम गठित की है, जिसका नेतृत्व SDM फरसगांव करेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई होगी।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस दिशा में काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
काउंसलिंग में सुधार: होस्टल परिसर में जिला से काउंसलिंग टीचरों की टीम भेजी जाएगी ताकि छात्रों की मानसिक स्थिति समझी जा सके और वे अपनी परेशानियों को साझा कर सकें। छात्र चाहें तो अपने दोस्तों या शिक्षकों से बात कर सकते हैं। कलेक्टर का उद्देश्य ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना है।
आपको बतादे की
आवासीय परिसर की स्थिति: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चिचाड़ी और कोरगांव में लगभग 720 आदिवासी छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। फरसगांव में संचालित इन परिसरों में उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं मिलती हैं।
निष्कर्ष: यह घटना आदिवासी छात्र जीवन, आवासीय शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर करती है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और जाँच के साथ सुधारात्मक कदम उठाने का वादा किया है।
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