Ghansyam Sharma / Tue, Feb 3, 2026 / Post views : 243
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी है। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर एक बार फिर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज इस प्रकरण में आरोप है कि आबकारी नीति के क्रियान्वयन के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और अवैध रूप से धन अर्जित किया गया। इसी सिलसिले में कवासी लखमा को आरोपी बनाया गया था और वे लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थे।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से यह दलील दी गई कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और आरोपी का लगातार जेल में रहना उचित नहीं है। वहीं जांच एजेंसी ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत देने का आदेश दिया।
जमानत मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया है, जबकि विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष और तेज सुनवाई की मांग दोहराई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर आगामी राजनीतिक गतिविधियों और प्रदेश की सियासत पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल, शराब घोटाले से जुड़ी अन्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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