Ghansyam Sharma / Wed, Sep 3, 2025 / Post views : 165
फरसगांव। पत्रिका लुक ( नरेंद्र सेठिया )
फरसगांव विकासखण्ड के ग्राम आलोर झाटीबन के ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों के बीच विराजमान माँ लिंगेश्वरी के पट बुधवार को पारंपरिक विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ खोले गए। संतान प्राप्ति का द्वार कही जाने वाली इस दिव्य गुफा में दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं।
पट खुलते ही पूजारियों ने गुफा के अंदर उत्तर दिशा से दक्षिण दिशा की ओर जाते बिल्ली के पदचिन्ह देखे। परंपरागत मान्यता के अनुसार इसे क्षेत्र में भय और आतंक का संकेत माना जाता है। वही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और सुबह से ही माँ के जयकारों से पूरा पहाड़ गूंज उठा।
भक्तों की भीड़ और लंबी कतारें
प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी दर्शन के लिए भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी। करीब 40 हज़ार से अधिक श्रद्धालु माँ के दर्शन करने पहुँचे। गुफा के बाहर लगभग पाँच किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने कहा कि माँ लिंगेश्वरी की कृपा से संतान सुख और पारिवारिक खुशहाली प्राप्त होती है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य के पुख्ता इंतज़ाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से पुख्ता इंतज़ाम किए थे। पुलिस बल के साथ-साथ स्थानीय समिति के सैकड़ों स्वयंसेवक भी तैनात रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य शिविर, पेयजल, रोशनी और बैरिकेटिंग की व्यवस्था की गई थी।
देर रात तक खुले रहेंगे पट
माँ लिंगेश्वरी के पट देर रात तक खुले रहेंगे। गुफा के बाहर श्रद्धालुओं के लिए पूजा सामग्री, प्रसाद और भक्ति गीतों की गूंज से पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण में डूबा रहा।
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