Ghansyam Sharma / Thu, May 8, 2025 / Post views : 191
बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी नहीं कर पाए अंतिम संस्कार, जनप्रतिनिधि बने सहारा
कोण्डागांव । पत्रिका लुक
केंद्रीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक पात्र की हाल ही में आकस्मिक मृत्यु हो गई। यह दुखद घटना उस समय और भी अधिक मार्मिक हो गई जब पता चला कि उनका परिवार उड़ीसा में रहता है, जहां उनके साथ सिर्फ उनकी बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी हैं। माता-पिता वृद्धावस्था के कारण चलने में असमर्थ हैं और पत्नी भी शारीरिक व मानसिक स्थिति के चलते अंतिम संस्कार करने में असमर्थ थीं।
इस स्थिति की जानकारी मिलने पर नगरपालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मानवीय कदम उठाया। उन्होंने अपने साथियों के साथ शमशान घाट पहुंच कर पात्र सर के पार्थिव शरीर का हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कराया। इस अवसर पर उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन धारण भी किया।
उपाध्यक्ष उसेंडी के साथ इस दौरान पार्षद असलम खान, बंटी नाग, अविनाश सोरी, नगरपालिका के कर्मचारी संतोष साहू सहित समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है और जरूरत के समय समाज को एक-दूसरे के साथ खड़ा होना चाहिए।
नगरपालिका उपाध्यक्ष का यह संवेदनशील कार्य शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, और सभी ने उनके इस प्रयास की सराहना की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन