Ghansyam Sharma / Thu, Oct 9, 2025 / Post views : 189
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत – मुख्यमंत्री साय
कुतुल से नीलांगुर महाराष्ट्र बॉर्डर तक एनएच-130-डी का होगा निर्माण
रायपुर। पत्रिका लुक (भावेश जैन)
नारायणपुर। अबूझमाड़ क्षेत्र को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 130-डी के निर्माण कार्य को नई रफ्तार मिल गई है। छत्तीसगढ़ शासन ने कुतुल से नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक 21.5 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस परियोजना के लिए लगभग एक सौ बावन करोड़ रुपये की न्यूनतम दर पर टेंडर स्वीकृत किया गया है।
लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा प्रमुख अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र), रायपुर को ठेकेदार से अनुबंध प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस सड़क का निर्माण टू-लेन पेव्ड शोल्डर सहित किया जाएगा, जिससे अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों तक वाहनों की सुगम आवाजाही संभव हो सकेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी की कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है। यह मार्ग कोण्डागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक जाता है। आगे यह सड़क महाराष्ट्र के बिंगुंडा, भमरगढ़ और आलापल्ली तक पहुँचती है, जहाँ यह एनएच-353डी से जुड़ती है। इस परियोजना से बस्तर अंचल का सीधा संपर्क राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से अबूझमाड़ क्षेत्र के हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लियरेंस और निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई है। इससे वर्षों से लंबित इस परियोजना का रास्ता खुल गया है। उन्होंने कहा कि “एनएच-130डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास की जीवनरेखा है। यह मार्ग व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा के नए अवसर खोलेगा तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार को और गति देगा।”
वर्तमान में कोण्डागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कार्य प्रगति पर है। नारायणपुर से कुतुल तक 50 किलोमीटर सड़क निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है। अब कुतुल से नीलांगुर (21.5 किमी) खंड के स्वीकृत हो जाने से यह सम्पूर्ण मार्ग साकार रूप लेने की दिशा में बढ़ चुका है।
इस मार्ग के पूरा होने पर बस्तर के दूरस्थ गांवों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, वहीं सुरक्षा बलों की आवाजाही भी सुगम होगी। अबूझमाड़ के लोगों के लिए यह परियोजना विकास का नया अध्याय साबित होगी।
तीनों पैकेज का विवरण
पैकेज-4 (भाग-1) : 90.990 किमी से
98.160 किमी तक – अनुमानित लागत ₹69.50 करोड़, स्वीकृत निविदा राशि ₹50.07 करोड़।
पैकेज-4 (भाग-2) : 98.160 किमी से
105.330 किमी तक – अनुमानित लागत ₹67.97 करोड़, स्वीकृत निविदा राशि ₹49.51 करोड़।
पैकेज-4 (भाग-3): 105.330 किमी से
112.500 किमी तक – अनुमानित लागत ₹71.01 करोड़, स्वीकृत निविदा राशि ₹53.08 करोड़।
कुल मिलाकर, लगभग 208 करोड़ की अनुमानित लागत वाले कार्य को प्रतिस्पर्धात्मक बोली में लगभग 152 करोड़ रुपए में स्वीकृति मिली है।
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