Ghansyam Sharma / Sat, Jan 17, 2026 / Post views : 243
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिला अस्पताल कोण्डागांव में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। शनिवार शाम 4 बजे से 6 बजे तक संचालित संध्याकालीन ओपीडी में चिकित्सकों से परामर्श लेने के बाद जब मरीज दवा लेने फार्मेसी कक्ष पहुंचे, तो फार्मेसी बंद मिली। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीड़ित मरीजों के अनुसार शाम लगभग 4 बजे से 5 बजे तक बड़ी संख्या में मरीज दवा वितरण कक्ष के बाहर कतार में खड़े रहे, लेकिन फार्मेसी में कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। बार-बार जानकारी लेने के बावजूद फार्मेसी नहीं खुली, जिससे मरीजों में नाराजगी देखी गई।
गंभीर बात यह है कि शासन द्वारा गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए संचालित निःशुल्क दवा वितरण व्यवस्था शाम के समय केवल दो घंटे के लिए ही उपलब्ध है। ऐसे में कर्मचारियों की अनुपस्थिति ने सरकार की निःशुल्क स्वास्थ्य योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजबूरी में कई मरीजों को बाहर की निजी मेडिकल दुकानों से पैसे खर्च कर दवाइयां खरीदनी पड़ीं रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल के स्टाफ द्वारा इस तरह की लापरवाही कोई नई बात नहीं है, बल्कि आए दिन ऐसी स्थिति देखने को मिलती रहती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न के बराबर की जाती है, जिससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं और व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है।
लोगों का यह भी कहना है कि अस्पताल में नगर एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक समिति का गठन किया जाना चाहिए, जो अस्पताल की कार्यप्रणाली, निःशुल्क दवा वितरण, स्टाफ की उपस्थिति तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित समीक्षा करे और अव्यवस्थाओं पर सतत निगरानी बनाए रखे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और आम जनता को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
पीड़ित मरीजों द्वारा फार्मेसी बंद होने का वीडियो बनाकर मीडिया को भेजा गया है, जिसमें अस्पताल की अव्यवस्थाएं साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है।
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