Ghansyam Sharma / Fri, Oct 10, 2025 / Post views : 197
रायपुर। पत्रिका लुक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान अब सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन वर्गों के एक लाख अट्ठानबे हजार विद्यार्थियों के बैंक खातों में चौ84 करोड़ छियासठ लाख रुपए की राशि ऑनलाइन अंतरण की।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान की नई व्यवस्था के तहत अब जून, सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर माह में विद्यार्थियों को ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। इससे छात्रों को अध्ययन के दौरान आर्थिक परेशानियों से राहत मिलेगी। पहले विद्यार्थियों को दिसंबर और फरवरी-मार्च में वर्ष में केवल एक बार राशि प्रदान की जाती थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में जारी इन प्रयासों से शासन-प्रशासन अधिक जवाबदेह और पारदर्शी हुआ है। आज आश्रम-छात्रावासों के एक लाख छियासी हजार पचास विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति की द्वितीय किश्त के रूप में उन्यासी करोड़ सत्ताईस लाख रुपए तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के बारह हजार एक सौ बयालिस विद्यार्थियों को पाँच करोड़ अड़तीस लाख इक्यासी हजार रुपए की राशि बैंक खातों में अंतरित की गई।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का ऑनलाइन भुगतान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को शुरू किया गया था। शैक्षणिक सत्र आरंभ होने से पूर्व ही सभी प्री-मैट्रिक छात्रावासों और आश्रमों के लिए 77 करोड़ रुपए की प्रथम किश्त तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रों के भोजन सहायता हेतु 8.93 करोड़ रुपए — कुल 85 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। इसके दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8,370 विद्यार्थियों को 6.2 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति राशि ऑनलाइन दी गई थी।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और विभागीय आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर उपस्थित थे।
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