Ghansyam Sharma / Fri, Apr 25, 2025 / Post views : 160
कोण्डागांव | पत्रिका लुक
जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का समय पर उठाव नहीं हो पाने से उपार्जन केंद्रों पर बड़ी मात्रा में धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। लंबे समय से पॉलिथीन के सहारे रखे इस धान को बदलते मौसम से बचाना उपार्जन समिति प्रभारियों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
3124810 क्विंटल धान की हुई खरीदी, 163586.53 क्विंटल अभी शेष
डीएमओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के 67 उपार्जन केंद्रों में अब तक कुल 31,24,810 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इनमें से 1,63,586.53 क्विंटल धान अभी भी केंद्रों में शेष है (दिनांक 25 अप्रैल की स्थिति में)।
नवागत कलेक्टर की प्राथमिकता में धान उठाव
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए नवपदस्थापित कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने पदभार ग्रहण करते ही धान उठाव को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने धान के त्वरित उठाव को लेकर एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें सभी समिति प्रबंधकों के साथ-साथ राइस मिलर्स को भी आमंत्रित किया गया।
एक सप्ताह में शत-प्रतिशत उठाव के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने समितिवार शेष धान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी उपार्जन केंद्रों से शत-प्रतिशत धान का उठाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन केंद्रों पर अधिक मात्रा में धान शेष है, वहां हमालों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए ताकि उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
राइस मिलर्स को सख्त हिदायत
इसके साथ ही कलेक्टर ने राइस मिलर्स को निर्देशित किया कि वे धान उठाव में किसी प्रकार की देरी न करें और निर्धारित समय पर वाहन भेजकर उठाव कार्य को पूरा करें। उन्होंने कहा, "किसानों की मेहनत से उपजाया गया धान केंद्रों पर पड़ा-पड़ा खराब न हो, यह हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
रोजाना मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे रोजाना धान उठाव की निगरानी करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कलेक्टर की इस तत्परता को प्रशासन की सक्रियता के साथ-साथ किसानों के हित में उठाया गया ठोस कदम माना जा रहा है।
सोत्र-prokgn
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