Ghansyam Sharma / Sun, Aug 14, 2022 / Post views : 165
जताया संदेह सुनियोजित तरीके से बच्चों की हत्या करने का, हो सीबीआई से जांच
कोंडागांव पत्रिका लुक।
जिला व तहसील कोंडागांव के ग्राम बफना के समीप 29 जुलाई 2022 को नाले के गहरे पानी में डूबने से 4 विद्यार्थियों की मौत होने के मामले में पीड़ित पालकों द्वारा 13 अगस्त को लो.नि.वि. के पुराने रेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता आयोजित कर आरोप लगाया कि उन चार बच्चों की मौत पानी में डूबने से नहीं हुई, बल्कि उनके बच्चों की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। यदि जिले की पुलिस सुनियोजित तरीके से की गई हत्या के मामले की सही जांच कर दोशियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं कर पाई तो वे उक्त घटना की सीबीआई से जांच करवाएंगे। उक्त प्रेस वार्ता के दौरान मृतक लावेंद्र के पिता प्रभुलाल मरकाम, चंद्रकांत के पिता षिवलाल साक्षी, तुशार के पिता महादेव नेताम एवं मोहित के पिता सुनील कुमार कश्यप सहित मृतक छात्रों के अन्य परिजन व सामाजिकजन उपस्थित थे। प्रेस को मुखातिब होकर प्रभुलाल मरकाम ने 6 अगस्त को एस.पी.कोंडागांव के समक्ष 7 पेज के सिलसिलेवार सभी घटनाक्रम व संदेहों का जिक्र करते हुए प्रस्तुत शिकायत पत्र तथा 12 अगस्त को सिटी कोतवाली कोंडागांव में एफ.आई.आर. हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्र में जिक्र किए गए साक्ष्य व तथ्यों के हवाले से बताया कि जो जिन चार छात्रों यानि उन सभी के सुपत्रों की पानी में डूबने से मौत होना बताया जा रहा है, उनमें से तीन छात्र तैरना जानते थे तथा वे सभी गांव के हैं और यह भली भांति जानते हैं कि तैरना जानने वाला व्यक्ति कभी भी पानी में डूबकर नहीं मर सकता, वह भी कम गहरे तथा तेज बहाव नहीं होने वाले पानी में। पीड़ित पालकों के द्वारा घटना स्थल वाले नाले में जाकर नाले की गहराई, दलदली क्षेत्र है या नहीं ? अपने मृतक बच्चों के साथियों से पूछताछ आदि करने सहित सभी एंगल से जांच पड़ताल करने के बाद ही उक्त आरोप लगाया जा रहा है कि 4 विद्यार्थियों यानि उनके बच्चों की नाले के गहरे पानी में डूबने से मौत नहीं हुई है। चारों बच्चों की मौत संदिग्ध ही नहीं, बल्कि उनके बच्चों की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। यदि जिले की पुलिस सुनियोजित तरीके से की गई हत्या के मामले की सही-सही जांच कर दोशियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं कर पाती है तो सभी पीड़त पालक उक्त घटना की सीबीआई से जांच करवाएंगे। पीड़ित पालकों, अन्य परिजनों व सामाजिकजनों ने षासन-प्रषासन को आगाह किया है कि उनके द्वारा व्यक्त किए जा रहे संदेह के आधार पर मामले की सूक्ष्मता से जांच नहीं किए जाने पर आंदोलन, फिर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी षासन-प्रषासन की होगी।
सूत्र-पीड़ित परिवार प्रेसवार्ता।
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