Ghansyam Sharma / Wed, Jan 28, 2026 / Post views : 262
कोण्डागांव। पत्रिका लुक ( नरेंद्र सेठिया)
जिले में किसानों की बैंकिंग समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं। धान बिक्री के बाद भी किसानों को अपनी ही मेहनत की कमाई निकालने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। 27 जनवरी को केशकाल एवं विश्रामपुरी में किसानों ने बैंक से राशि विड्रॉल नहीं मिलने, सीमित राशि निकासी तथा बैंक कर्मचारियों द्वारा कथित दुर्व्यवहार को लेकर अलग–अलग स्थानों पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। उस दौरान प्रशासन और बैंक प्रबंधन द्वारा जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद किसानों को अब तक कोई राहत नहीं मिल सकी है।




लगातार बनी इसी समस्या के चलते 28 जनवरी बुधवार को भी किसानों का आक्रोश फरसगांव में फूट पड़ा, जहां किसानों ने नेशनल हाईवे–30 पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि धान विक्रय की राशि खातों में तो जमा हो चुकी है, लेकिन फरसगांव जिला सहकारी बैंक में पर्याप्त नकदी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें जरूरत के अनुसार पैसा नहीं मिल पा रहा है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद किसानों को कम राशि देकर वापस लौटा दिया जा रहा है।




आक्रोशित किसान फरसगांव अस्पताल चौक पर सड़क पर बैठ गए और लगभग 20 मिनट तक प्रदर्शन किया, जिससे नेशनल हाईवे पर आवागमन बाधित रहा। चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग एवं बैंक प्रबंधन मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश दी, जिसके बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त किया।
हालांकि किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही राशि निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे कभी भी दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लगातार हो रहे चक्का जाम और आंदोलनों से आम नागरिकों के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित हो रहा है, जिससे प्रशासन पर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुलझाने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
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