Ghansyam Sharma / Tue, Sep 16, 2025 / Post views : 177
कोण्डागांव । पत्रिका लुक
जिले में सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और लोकार्पण से पूर्व अवलोकन की औपचारिकता पूरी न किए जाने से ठेकेदार मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं। नतीजतन, करोड़ों की लागत से बने भवन कुछ ही महीनों में दरकने, छत से पानी टपकने और जगह-जगह टूट-फूट की समस्या से जूझने लगते हैं।
ताज़ा मामला जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर ग्राम बम्हनी का है, जहां 16 लाख 25 हजार रुपए की लागत से उप-स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण किया जा रहा है। भवन का कार्य वर्तमान में छज्जा स्तर तक पहुंच चुका है, लेकिन निर्माण स्थल पर लागत व परियोजना विवरण प्रदर्शित करने वाला बोर्ड तक नहीं लगाया गया, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा मानकविहीन फ्लाई ऐश ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि ईंटें बेहद कमजोर हैं और हाथ लगाते ही टूट जाती हैं। स्थानीयों ने निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग प्रशासन से की है।
इस मामले में सीजीएमएससी के इंजीनियर कमलेश साहू ने बोर्ड न लगाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ईंटों की गुणवत्ता पर उन्होंने दावा किया कि लेब टेस्ट में ईंटें मानक के अनुरूप पाई गई हैं।
फिलहाल ग्रामीणों की शंका और विभागीय दावों के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि निगरानी व गुणवत्ता परीक्षण के दावे पुख्ता हैं, तो फिर निर्माण स्थल पर मूलभूत नियमों की अनदेखी क्यों हो रही है?
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