Ghansyam Sharma / Fri, Jul 11, 2025 / Post views : 175
कोण्डागांव | पत्रिका लुक
विश्व रेबीज दिवस (28 सितंबर) के उपलक्ष्य में पशु चिकित्सा विभाग कोण्डागांव द्वारा नवागांव (मर्दापाल) के प्राथमिक एवं हाई स्कूल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को रेबीज, कुत्ते के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार, पॉलीथीन प्रदूषण और पशुपालन में करियर विकल्पों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम का संचालन उप संचालक डॉ. एम.बी. सिंह के निर्देशानुसार किया गया।
रेबीज रोग पर पशु शल्य चिकित्सक डॉ. ढालेश्वरी ने बताया कि यह एक जानलेवा वायरस जनित बीमारी है, जो संक्रमित जानवरों के काटने से फैलती है। काटे जाने की स्थिति में घाव को साबुन-पानी से धोकर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर एंटी-रेबीज टीका लगवाना चाहिए। साथ ही पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण आवश्यक है।
पॉलीथीन से पशुओं को गंभीर खतरा
मोबाइल वेटरिनरी यूनिट प्रभारी डॉ. दीपिका सिदार ने कहा कि पॉलीथीन प्रदूषण से मवेशियों की जान पर खतरा मंडराता है। वे अक्सर कचरे के साथ पॉलीथीन निगल लेते हैं जिससे पाचन तंत्र में रुकावट और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पॉलीथीन का उपयोग बंद कर जैविक विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पशुपालन में करियर की संभावनाएं
डॉ. कोर्राम (प्रभारी, पशु चिकित्सालय मर्दापाल) ने पशु चिकित्सा विज्ञान, डेयरी, मत्स्यपालन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए करियर व स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी और इसे आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बताया।
रेबीज मुक्त ज़िला बनाने अभियान
डॉ. एम.बी. सिंह ने बताया कि 28 सितंबर को ज़िले भर में पालतू और आवारा कुत्तों के लिए निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने पालतू कुत्तों को निकटतम पशु चिकित्सालय में ले जाकर टीकाकरण करवाएं।
इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम टोप्पो, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ एवं विभागीय टीम के सदस्य डॉ. चंदना और खेमराज उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम को बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और जीवनोपयोगी बताया।
सोत्रprokgn
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन