Ghansyam Sharma / Fri, Feb 9, 2024 / Post views : 169
RES प्रभारी अभियंता ने कहा पूर्व के अधिकारी का काम में हु पाक साफ, लेकिन प्रभारी अभियंता भूले की पूर्व में थे SDO RES.
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
कोण्डागांव जिला के RES विभाग का अजब गजब कारनामा बिना तकनीकी प्रतिवेदन के ठेकेदार को जारी कर दिया गया कार्यादेश। ठेकेदार के द्वारा 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर दिया गया। क्या है पूरा मामला
विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने मनमानी तरीके से बिना तकनीकी स्वीकृति जिला निर्माण समिति द्वारा खाले मुरमेंड में पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन का निर्माण कार्य लागत 137.74 लाख के लिए जून 2023 को ठेकेदार को कार्यादेश जारी किया गया। ठेकेदार द्वारा उक्त भवन का निर्माण कार्य लगभग 60% पूर्ण कर चुका है और अब ठेकेदार भुगतान पाने के लिए भटक रहा है। विभागीय अधिकारी भुगतान देने के बजाए खामोश बैठे हैं।
निर्माण पर अन्य विभाग के sdo व इंजीनियर से चर्चा में बताया
वही अन्य विभाग से अधिकारियों से चर्चा करने पर बताया कि जब तक तकनीकी स्वीकृति नहीं मिलती तब तक प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान नहीं होती हैं। लेकिन मुख्यमंत्री के द्वारा निर्माण कार्यो की घोषणा के दौरान प्रशासनिक स्वीकृति पहले मिल जाती हैं, लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति मात्र से निविदा प्रकाशन व ठेकेदार को कार्यादेश जारी नही किया जा सकता है। विभागीय अधिकारी के द्वारा पहले तकनीकी स्वीकृति दी जाती है फिर बाकी प्रकिया होती हैं। जैसे निविदा प्रकाशन, ठेकेदार को कार्यादेश फिर लेआउट सहित अन्य प्रक्रिया का पालन किया जाता हैं, जिससे ठेकेदार को भुगतान में परेशानी नहीं होती हैं ओर ना ही अधिकारियों को भुगतान करने परेशानी। विभागीय अधिकारियों के द्वारा प्रक्रिया पूर्ण नहीं करना विभागीय अधिकारियों की बड़ी गलती हैं।
सब इंजीनियर राजीव सिंह का कहना
इस पूरे मामले में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के सब इंजीनियर राजीव सिंह ने प्रभारी कार्यपालन अभियंता से जानकारी लेने की बात कर रहे हैं। मानो उनकी कोई गलती नहीं।
RES ईई ए. के. चौधरी ने बताया
कार्यपालन अभियंता ए के चौधरी ने बताया कि पूर्व अधिकारी के कार्यकाल यह निर्माण कार्य होना बताते हुए खुद को पाक साफ बताने की कोशिश कर रहे थे।
RES ईई ए. के. चौधरी का यह बयान हजम नहीं
इस पूरे निर्माण मामले प्रभारी ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अभियंता ए. के. चौधरी ने कहा कि पुर के अधिकारी के द्वारा किया गया हैं जैसे वे अभी कोण्डागांव जिला में पदस्थ हुए है वे भूल गए कि वे भी इसी दौरान ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के SDO के पद पर कार्यरत थे। इसका मतलब यह हैं कि वे भी इस निर्माण कार्य मे पूरे सहभागिता निभा चुके है।
बरहाल देखना होगा कि इस पूरे मामले पर कार्यवाही होती हैं या नहीं या फिर पूरे मामले को दबा दिया जाएगा।
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