Ghansyam Sharma / Mon, Feb 26, 2024 / Post views : 164
नगरपालिका पर दिव्यांगों के साथ भेदभाव करने का लगा आरोप
मामला नया बस स्टैंड में बनी दुकानों की नीलामी का
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
नगर पालिक परिषद द्वारा आम जनता हेतु नगर पालिका परिषद कोडागांव के स्वामित्व वाली नया बस स्टैंड चिखलपुटी में निर्मित दुकानों की नीलामी की बोली सोमवार को नगर पालिका परिसर में हुआ। इस नीलामी प्रकिया में नगर पालिका प्रशासन ये द्वारा आरक्षण रोटर का पालन नहीं किया गया। आपको बतादें की नगर पालिका परिषद ने इस पूरी नीलामी प्रक्रिया में दिव्यांगों ,विधवा, परित्यक्ता, भूतपूर्व सैनिकों के लिए किसी भी प्रकार का आरक्षण नहीं रखा। वही कुछ कानूनी जानकारों ने बताया कि किसी भी सरकारी
नौकरी ही या फिर नगर पालिका प्रशासन के द्वारा दुकान की नीलामी ही सब मे आरक्षण रोटर का पालन किया जाना चाहिए, ऐसा नहीं करना नगर पालिका प्रशासन की खामी हैं या फिर नगर पालिका प्रशासन जानबूझकर दिव्यांग सहित अन्य लोगों को आरक्षण से हटाया होगा। मामले पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने दिव्यंगो के नहीं आने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ा। छत्तीसगढ़ विकलांग मंच कोंडागांव के जिलाध्यक्ष,जीतू साहूं ने नया बस स्टैंड में बनाए गए दुकानों के नीलामी में दिव्यांगों की अनदेखी होने की बात कही,उन्होंने कहा नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों ने जानबूझकर अनियमितता को अंजाम देने दिव्यांगों के लिए एक भी दुकान आरक्षित नहीं रखा,जबकि दिव्यांगो के लिए सरकार ने 3% आरक्षण निर्धारित की है,अधिकारी की लापरवाही से दिव्यांगों के अधिकारों का हनन हुआ, दिव्यांगों की अनदेखी होने के कारण पूरी नीलामी प्रक्रिया पर आरोप लगाते निरस्त करने की शासन से मांग की
है। बस स्टैंड चीखलपुटी में बनाए गए दुकानों की सोमवार को नीलामी हुई जिसमे एसटी,एससी,ओबीसी ,जनरल, शिक्षित बेरोजगार और महिला के लिए आरक्षित कुल नौ दुकानों की नीलामी की गई। नीलामी प्रक्रिया में 42 लोगों ने हिस्सा लिया, जबकि रेस्टोरेंट और होटल के लिए एक भी आवेदन नहीं आए, सर्वाधिक बोली जनरल महिला वर्ग के लिए आरक्षित दुकान लगभग 16 लाख रुपए से अधिक वही सबसे कम एस टी वर्ग के लिए आरक्षित 3 लाख 95 हजार रही,नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने संपूर्ण नीलामी प्रक्रिया का नगर पालिका परिषद ने वीडियोग्राफी भी कराया।
कानून के जानकारो का कहना है
वहीं विधि के जानकारों ने दिव्यांग अधिनियम के प्राविधानों का स्पष्ट उल्लंघन होना बताया। शासकीय प्रक्रिया के अनुसार दुकानों के आवंटन में अनिवार्य आरक्षण का प्राविधान है।
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